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===पशुओं का शोषण ===
कई समूहों एवं संस्थाओं ने हाथियों पर चढ़कर आमेर दुर्ग तक की सवारी को हाथियों पर अत्याचार के रूप में देखा है और इस पर चिन्ता जतायी है। उनका मानना है कि ये अमानवीय है।<ref>[http://timesofindia.indiatimes.com/city/jaipur/Amber-Fort-centre-for-elephant-trafficking-Welfare-board/articleshow/45559191.cms ''Amber Fort centre for elephant trafficking: Welfare board'' द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]। १८ दिसम्बर २०१४| (अंग्रेज़ी)|अभिगमन तिथि: १२ मार्च २०१८</ref> [[:w:PETA|पीईटीए]] नामक एक संगठन एवं केन्द्रीय वन्योद्यान(ज़ू) प्राधिकरण ने इस मुद्दे को गहनता से उठाया था। यहाँ बसा हाथीगाँव बंदी पशु नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन है तथा यहाँ पेटा के दल ने हाथियों को दर्दनाक काँटों वाली जंजीरों से बंधे पाया है। यहाँ अंधे, रोगी एवं आहत हाथियों से बलपूर्वक काम लिया जाता है तथा उनके दाँत एवं कान भी क्षत-विक्षत अवस्था में पाये गए हैं।<ref>[http://timesofindia.indiatimes.com/home/environment/flora-fauna/PETA-takes-up-jumbo-cause-seeks-end-to-elephant-ride-at-Amber/articleshow/45469545.cms ''PETA takes up jumbo cause, seeks end to elephant ride at Amber,'' द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]। ११ दिसम्बर २०१४ | (अंग्रेज़ी)|अभिगमन तिथि: १२ मार्च २०१८</ref> हाल के वर्ष २०१७ में एक न्यूयॉर्क के टूर संचालक ने आमेर दुर्ग तक हाथियों की जगह जीप से पर्यटकों को ले जाने की भी घोषणा की थी। उनका कहना था कि वे पशुओं पर अत्याचार के विरुद्ध हैं।"<ref>"Zachary Kussin, "[http://nypost.com/2017/10/09/tour-cuts-indian-elephant-rides-after-peta-reports-abuse/ पेटा की रिपोर्ट के बाद टूर में भारतीय हाथियों की सवारी हटायी गई] [Tour Cuts Indian Elephant Rides After PETA Reports Abuse]," NY पोस्ट, ९ अक्तूबर २०१७.| (अंग्रेज़ी) |अभिगमन तिथि: १२ मार्च २०१८</ref>
 
== विश्व धरोहर घोषणा ==