"चिरप्रतिष्ठित प्रानुकूलन": अवतरणों में अंतर

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रूसी शरीर क्रिया वैज्ञानिक पावलाव 'लारमय स्राव का प्रेक्षण' कर रहे थे उसी समय संयोग से इस सिधांत का जन्म हुआ। जिसमे उन्होने देखा की जब एक तटस्थ उद्दीपक को स्वाभाविक उद्दीपक के साथ एक निश्चित समय अंत्रराल पर प्रस्तुत किया जाता है तो उसमे स्वाभाविक उद्दीपक के समान अनुक्रिया उत्पन्न करने का गुण आ जाता है। जिसे ही अनुबंधन की संज्ञा दी गयी और यही पावलोवियन सिधांत का आधार बना ।
 
Conditioning: अनुबंधन एक एसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा उद्दीपक और अनुक्रिया के मध्य एक सम्बंध स्थापित होता है।
 
Classical conditioning की व्याख्या मुख्य रूप जिन चार सम्प्रत्ययों से की गयी है वे निम्न्लिखित है-
 
1-स्वाभाविक उद्दीपक(UCS)
 
2- स्वाभाविक अनुक्रिया(UCR)
 
3- अस्वाभाविक उद्दीपक (US)
 
4- अस्वाभाविक अनुक्रिया(UR)
[[श्रेणी:प्रायोगिक मनोविज्ञान]]
[[श्रेणी:व्यवहार]]
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