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=== अमझेरा ===
धार से लगभग 40 किलोमीटर दूर सरदारपुर तहसील में अमझेरा गांव स्थित है। इस गांव में शैव और वैष्णव संप्रदाय के अनेक प्राचीन मंदिर बने हुए हैं। यहां के अधिकांश शैव मंदिर महादेव, चामुंडा, अंबिका को समर्पित हैं। लक्ष्मीनारायण और चतुभरुजंता मंदिर वैष्णव संप्रदाय के लोकप्रिय मंदिर हैं। गांव के निकट ही ब्रह्म कुंड और सूर्य कुंड नामक दो टैंक हैं। गांव के पास ही राजपूत सरदारों को समर्पित तीन स्मारक बने हुए हैं। जोधपुर के राजा राम सिंह राठौर ने 18-19वीं शताब्दी के बीच यहां एक किला भी बनवाया था। किले में इस काल के तीन शानदार महल भी बने हुए हैं। किले के रंगमहल में बनें भिति‍चित्रों से दरबारी जीवन की झलक देखने को मिलती है। कहा जाता है कि यहीं [[श्रीकृष्ण]] ने [[रुक्मिणी]] का हरण किया था। यहाँ पूर्व-उत्तर में अमका-झमका का मन्दिर है जहाँ रुक्मिणी प्रतिदिन पूजन के लिए जाती थी।
धार से लगभग
40 किलोमीटर दूर सरदारपुर तहसील में अमझेरा गांव स्थित है। इस गांव में शैव और वैष्णव संप्रदाय के अनेक प्राचीन मंदिर बने हुए हैं। यहां के अधिकांश शैव मंदिर महादेव, चामुंडा, अंबिका को समर्पित हैं। लक्ष्मीनारायण और चतुभरुजंता मंदिर वैष्णव संप्रदाय के लोकप्रिय मंदिर हैं। गांव के निकट ही ब्रह्म कुंड और सूर्य कुंड नामक दो टैंक हैं। गांव के पास ही राजपूत सरदारों को समर्पित तीन स्मारक बने हुए हैं। जोधपुर के राजा राम सिंह राठौर ने 18-19वीं शताब्दी के बीच यहां एक किला भी बनवाया था। किले में इस काल के तीन शानदार महल भी बने हुए हैं। किले के रंगमहल में बनें भिति‍चित्रों से दरबारी जीवन की झलक देखने को मिलती है। कहा जाता है कि यहीं [[श्रीकृष्ण]] ने [[रुक्मिणी]] का हरण किया था। यहाँ पूर्व-उत्तर में अमका-झमका का मन्दिर है जहाँ रुक्मिणी प्रतिदिन पूजन के लिए जाती थी।
कानवन धार से 35 कीमी दूर कण्व ऋषि की पावन भूमी कानवन लेबड़ नयागांव 4 लेन पर है यहाँ का माँ कालिका का मन्दिर नागेश्वर महादेव का मन्दिर नीलकंठेश्वर मन्दिर माँ संतोषी का मन्दिर चामुंडा का मन्दिर गांगी नदी व गांग माता का मन्दिर प्रशिद्ध है स्रोत
सुरेश शर्मा कानवन