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ईसा के 1200 साल पहले हजरत मूसा ने [[मिस्र]] के फराओ (राजा) के यहाँ से यहूदियों को मुक्त कराया और ''इसरायल'' तथा ''जुडया'' नामक दो राज्यों की स्थापना आज के [[इजरायल]] के क्षेत्र में की। ईसा के 770 साल पहले बेबीलोन के [[असीरिया]] और अक्कद ने क्रमशः इन दोनों पर अधिकार कर लिया। इन्होंने यहूदियों को बहुत यातनाए दी। उनके मंदिरों को नष्ट कर डाला और इन्हें इस क्षेत्र से पूर्व की तरफ (आज के ईरान) विस्थापित कर दिया। 559 ईसापूर्व में पार्स के राजा [[कुरोश]] ने अपनी सत्ता स्थापित की और उसने [[बेबीलोन]] पर अधिकार कर लिया। इस काल में यहूदियों को अपनी मातृभूमि वापस लौटने का अवसर मिला। फ़ारसियों (पारसी) ने यहूदियों को अपना मंदिर बनाने की भी अनुमति दी। ईसापूर्व 330 में [[सिकन्दर]] ने फारस पर अधिकार कर लिया। ईसा पूर्व 100 के आसपास यह रोमन साम्राज्य का अंग बना। रोमन लोगों के अपने देवी-देवता थे और वे यहूदियों को बाग़ी के रूप में देखते थे। [[ईसा मसीह]] ने ईसाई धर्म का आरंभ किया। पर 313 इस्वी से पहले तक रोम के शासकों ने ईसाईयों को बहुत प्रताड़ना दी। बिजेन्टाइन (पूर्वी रोमन), फारसी ([[सासानी]]) और अरबों के बीच कई युद्ध हुए। [[मुहम्मद साहब]] के परनोपरान्त फ़ारस पर [[अरब|अरबों]] का अधिकार हो गया औक कालान्तर में ईरान इस्लाम में परिवर्तित हो गया। पर कुछ राजनैतिक कारणों से ईरानी [[शिया]] बने जबकि अरब सुन्नी रहे।
 
सोलहवीं सदी में तुर्कों ने [[मक्का]] पर अधिकार कर लिया और वे इस्लाम के सर्वेसर्वा हो गए। यहूदियों को भगाया गया और वे यूरोप में बसते गए। 1900 इस्वी के आसपास यहूदी यूरोप से भाग कर आज के इसरायल में आने लगे जो अब तुर्कों का [[फिलीस्तीन]] प्रांत था। 1948 में यहूदियों ने नए स्वतंत्र इसरायल की घोषणा की। अरब देशों और इसरायल में कई युद्ध हुए।
==धर्म==
[[Image:Jerusalem_from_mt_olives.jpg|thumb|300px|गुम्बद ए सखरा, [[जेरुसलम]]]]
धर्मों की बात की जाए तो मध्य पूर्व बहुत विविधतापूर्ण है, जिनमें से कई धर्मो जन्म हुआ है। इस्लाम मध्य पूर्व में सबसे बड़ा धर्म है, लेकिन यहूदियों और ईसाई धर्म जैसे अन्य धर्मों का जन्म भी मध्य पूर्व में हुआ है। ईसाई लेबनान का 40.5% का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां लेबनान के राष्ट्रपति, कैबिनेट का आधा हिस्सा, और संसद का आधा विभिन्न लेबनान ईसाई संस्कारों का पालन करता है। बहाई विश्वास, यारसानवाद, याज़ीदवाद, पारिस्थितिकतावाद, मंडेवाद, ड्रुज़ और शबाकिज्म जैसे महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक धर्म भी हैं, और प्राचीन काल में यह क्षेत्र मेसोपोटामियन धर्मों, कनानी धर्मों, मनीचैज्म, मिथ्राइज़्म और विभिन्न एकेश्वरवादी संप्रदायों का घर था।