"हिन्दू पंचांग" के अवतरणों में अंतर

1,902 बैट्स् जोड़े गए ,  3 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश रहित
'''हिन्दू पञ्चाङ्ग''' से आशय उन सभी प्रकार के [[पञ्चाङ्गम्|पञ्चाङ्गों]] से है जो परम्परागत रूप प्राचीन काल से [[भारत]] में प्रयुक्त होते आ रहे हैं। ये चान्द्रसौर प्रकृति के होते हैं। सभी हिन्दू पञ्चाङ्ग, कालगणना की समान संकल्पनाओं और विधियों पर आधारित होते हैं किन्तु मासों के नाम, वर्ष का आरम्भ ([[वर्षप्रतिपदा]]) आदि की दृष्टि से अलग होते हैं।
 
भारत में प्रयुक्त होने वाले प्रमुख क्षेत्रीय पञ्चाङ्ग ये हैं-
*(१) विक्रमी पञ्चाङ्ग - यह सर्वाधिक प्रसिद्ध पञ्चाङ्ग है जो भारत के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य भाग में प्रचलित है।
*(२) तमिल पञ्चाङ - दक्षिण भारत में प्रचलित है,
*(३) बंगाली पञ्चाङ्ग - [[बंगाल]] तथा कुछ अन्य पूर्वी भागों में प्रचलित है।
*(४) मलयालम पञ्चाङ्ग - यह [[केरल]] में प्रचलित है और सौर पंचाग है।
 
हिन्दू पञ्चाङ का उपयोग [[भारतीय उपमहाद्वीप]] में प्राचीन काल से होता आ रहा है और आज भी [[भारत]] और [[नेपाल]] सहित कम्बोडिया, लाओस, थाईलैण्ड, बर्मा, श्री लंका आदि में भी प्रयुक्त होता है। हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार ही हिन्दुओं/बौद्धों/जैनों/सिखों के त्यौहार [[होली]], [[महाशिवरात्रि]], [[वैशाखी]], [[रक्षा बन्धन]], पोंगल, ओणम , कृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, रामनवमी, विसु और दीपावली आदि मनाए जाते हैं।
 
== इन्हे भी देखें ==