"दक्खिनी" के अवतरणों में अंतर

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{{स्रोतहीन|date=जून 2015}}
{{Infobox language
| name = दखिनी
| nativename = Deccani<br>دکنی<br>ದಖನಿ<br>దక్కనీ<br>داکانی<br>दक्खनी<br>தக்ணி<br>ദഖ്നി
| states = [[मराठवाडा]] प्रांत [[महाराष्ट्र]], [[खानदेश]] प्रांत [[महाराष्ट्र]], [[तेलंगाना]], [[मध्य प्रदेश]], [[हैदराबाद]], [[कर्नाटक]], Southern and Central part of [[Andhra Pradesh]] and Northern part of [[Tamil Nadu]]; also significant minority speakers found in the state of [[Kerala]] and [[Goa]].
| region = [[Deccan]]
| speakers = {{sigfig|11.4|2}} million [[दखनी मुस्लिम]]
| date = 2007
| ref = ne2007
| familycolor = Indo-European
| fam2 = [[Indo-Iranian languages|Indo-Iranian]]
| fam3 = [[Indo-Aryan languages|Indo-Aryan]]
| fam4 = [[Central Indo-Aryan languages|Central]] ([[Hindustani language|Hindustani]])
| script = [[Nastaʿlīq script]] ([[Urdu alphabet]]), [[Urdu#Writing system|other]]
| agency =
| iso3 = dcc
| glotto = decc1239
| glottorefname = Deccan
}}
'''दखनी''' या '''दक्कनी''' या '''दखिनी''' :'''Dakhni''' ([[Hindi]]: दक्खिनी {{Unicode|''dakkʰinī''}}), और '''Dakkhani''', ये बोली [[उर्दू]] ज़बान की एक अहम बोली है, जो जनूबी हिंदूस्तान में बोली जाती है।
'''दखनी हिंदी''' मूलतः [[हिंदी]] का ही पूर्व रूप है जिसका विकास ईसा की १४वी शती से १८बी शती तक दक्खिन के बहमनी, क़ुतुब शाही और आदिल शाही आदि राज्यों के सुल्तानों के संरक्षण मैं हुआ था। वह मूलतः [[दिल्ली]] के आस पास की हरियाणी एवं खडी बोली ही थी जिस पर [[ब्रजभाषा]], [[अवधी]] और [[पंजाबी]] के साथ-साथ मराठी, गुजराती तथा दक्षिण की सहवर्ती भाषाओं तेलुगु तथा कन्नड आदि का भी प्रभाव पडा था और इसने अरबी फारसी तथा तुर्की आदि के भी शब्द ग्रहण किए थे। यह मुख्यत [[फारसी लिपि]] में ही लिखी जाती थी। इसके कवियों ने इस भाषा को मुख्यत 'हिंदवी', हिंदी और 'दक्खिनी' ही कहा था। इसे एक प्रकार से आधुनिक हिंदी और उर्दु की पूर्वगामी भाषा कहा जा सकता है।