"आर्यभट" के अवतरणों में अंतर

268 बैट्स् नीकाले गए ,  1 वर्ष पहले
छो
आर्यभट लेख में कुछ महत्पूर्ण बातें जोड़ी गयी हैं
(→‎विरासत: उचित शब्द समायोजन)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
छो (आर्यभट लेख में कुछ महत्पूर्ण बातें जोड़ी गयी हैं)
| caption = पुणे में आर्यभट की मूर्ति ४७६-५५०
| birth_date = {{birth date|476| 0| 0|df=y}}
| birth_place = अश्मक[[तरेगना]], महाराष्ट्र[[पटना]], [[भारत]]
| death_date = {{death date and age|550|0 |0 |476| 0|0 |df=y}}
| death_place =
| footnotes =
}}
'''आर्यभट''' (४७६-५५०) प्राचीन [[भारत]] के एक महान [[ज्योतिषविद्]] और [[गणितज्ञ]] थे। इन्होंने [[आर्यभटीय]] ग्रंथ की रचना की जिसमें ज्योतिषशास्त्र के अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन है।<ref>{{cite web|url=http://www.jagran.com/news/national-jagran-special-on-khagaul-of-bihar-16424239.html|title=अंतरिक्ष विज्ञान में भारत के योगदान को समर्पित है बिहार की यह जगह}}</ref> इसी ग्रंथ में इन्होंने अपना जन्मस्थान कुसुमपुर और जन्मकाल शक संवत् 398 लिखा है। [[बिहार]] में वर्तमान [[पटना]] का प्राचीन नाम कुसुमपुर था लेकिन आर्यभट का कुसुमपुर दक्षिण में था, यह अबउनके लगभगवैज्ञानिक सिद्धकार्यों का समादर राजधानी में ही हो चुकासकता था। अतः उन्होंने लम्बी यात्रा करके आधुनिक [[पटना]] के समीप कुसुमपुर में अवस्थित होकर राजसान्निध्य में अपनी रचनाएँ पूर्ण है।की।
 
एक अन्य मान्यता के अनुसार उनका जन्म [[महाराष्ट्र]] के अश्मक देश में हुआ था। उनके वैज्ञानिक कार्यों का समादर राजधानी में ही हो सकता था। अतः उन्होंने लम्बी यात्रा करके आधुनिक [[पटना]] के समीप कुसुमपुर में अवस्थित होकर राजसान्निध्य में अपनी रचनाएँ पूर्ण की।
 
== आर्यभट का जन्म-स्थान ==
12

सम्पादन