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| name = आर्यभट
| caption = पुणे में आर्यभट की मूर्ति ४७६-५५०
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'''आर्यभट''' (४७६-५५०) प्राचीन [[भारत]] के एक महान [[ज्योतिषविद्]] और [[गणितज्ञ]] थे। इन्होंने [[आर्यभटीय]] ग्रंथ की रचना की जिसमें ज्योतिषशास्त्र के अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन है।<ref>{{cite web|url=http://www.jagran.com/news/national-jagran-special-on-khagaul-of-bihar-16424239.html|title=अंतरिक्ष विज्ञान में भारत के योगदान को समर्पित है बिहार की यह जगह}}</ref> इसी ग्रंथ में इन्होंने अपना जन्मस्थान कुसुमपुर और जन्मकाल शक संवत् 398 लिखा है। [[बिहार]] में वर्तमान [[पटना]] का प्राचीन नाम कुसुमपुर था लेकिन आर्यभट का कुसुमपुर दक्षिण में था, यह उनकेअब वैज्ञानिकलगभग कार्यों का समादर राजधानी में हीसिद्ध हो सकता था। अतः उन्होंने लम्बी यात्रा करके आधुनिक [[पटना]] के समीप कुसुमपुर में अवस्थित होकर राजसान्निध्य में अपनी रचनाएँ पूर्णचुका की।है।
 
एक अन्य मान्यता के अनुसार उनका जन्म [[महाराष्ट्र]] के अश्मक देश में हुआ था। उनके वैज्ञानिक कार्यों का समादर राजधानी में ही हो सकता था। अतः उन्होंने लम्बी यात्रा करके आधुनिक [[पटना]] के समीप कुसुमपुर में अवस्थित होकर राजसान्निध्य में अपनी रचनाएँ पूर्ण की।
 
== आर्यभट का जन्म-स्थान ==