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== शुरूवात ==
{{main|दलित बौद्ध आंदोलन}}
वर्तमान भारत में जब-जब भगवान बुद्ध को स्मरण किया जाता है, तब-तब स्वाभाविक रूप से भीमराव आम्बेडकर का भी नाम लिया जाता है। भारतीय स्वतंत्रता के बाद बहुत बड़ी संख्या में एक साथ डॉ॰ आंबेडकर के नेतृत्व में सामूदायिक बौद्ध धम्म परिवर्तन हुआ था। [[14 अक्तूबर]], [[1956]] को नागपुर में यह दीक्षा सम्पन्न हुई, जिसमें आम्बेडकर के 5,00,000 समर्थक बौद्ध बने है, अगले दिन 2,00,000 एवं तिसरे दिन [[16 अक्टूबर]] को [[चंद्रपूरचन्द्रपुर]] में 3,00,000 अनुयायी बौद्ध बने। इस तरह 10 लाख से भी अधिक लोगों तो आम्बेडकर ने केवल तीन दिन में बौद्ध बनाया था।{{cn|date=13 अगस्त 2018}} इस घटना से [[भारत में बौद्ध धर्म का पुनरूत्थान]] या पुनर्जन्म हुआ। एक अनुमान के अनुसार [[मार्च]] 1959 तक 1.5 से 2 करोड़ लोग बौद्ध बने थे। बौद्ध धर्म भारत के प्रमुख धर्मों में से एक है तथा अनौपचारिक रूप से भारत का तिसरा सबसे बड़ा धर्म है।
 
==धर्मग्रंथ==
4,478

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