"लवर्स" के अवतरणों में अंतर

42 बैट्स् जोड़े गए ,  3 वर्ष पहले
छो
छोटा सुधार
(नया लेख)
 
छो (छोटा सुधार)
| budget =
}}
'''लवर्स''' (अर्थ: ''प्रेमी'') 1983 में बनी हिन्दी भाषा की [[प्रेमकहानी फ़िल्म]] है। इसका निर्देशन भारतीराजा द्वारा किया गया। इस फिल्म के निर्माणकर्ता [[राजेन्द्र कुमार (अभिनेता)|राजेन्द्र कुमार]] है और मुख्य कलाकार उनके पुत्र [[कुमार गौरव]] और [[पद्मिनी कोल्हापुरी]] हैं।
 
== संक्षेप ==
विजू ([[कुमार गौरव]]) अपनी गरीब मां ([[बीना बैनर्जी)]]‌) के साथ [[पणजी]], गोवा के पास रहता है। उसकी माँ जीविका के लिये के लिए संगीत सिखाती हैं। मैरी ([[पद्मिनी कोल्हापुरी]]) बॉम्बे से कॉलेज की छुट्टीयों में अपने घर लौटती है। उसका भाई डेविड ([[डैनी डेन्जोंगपा]]) बड़ा अमीर जमींदार है और उसकी पत्नी एलिज़ा ([[तनुजा]]) भी साथ रहती है। जब वह छुट्टियों के लिए घर लौटती है, तो उसे विजू के नेतृत्व में एक समूह द्वारा छेड़छाड़ और चिढ़ाना किया जाता है। तब उसे विजू की मां द्वारा ही गायन सिखाया जाता है। इसके तुरंत बाद वह और विजू प्यार में पड़ते है। एलिज़ा को पता चला तो वो बहुत परेशान हुई क्योंकि वो लोग ईसाई है जबकि विजू एक हिंदू है। एलिज़ा डेविड को सूचित नहीं करती है, क्योंकि वो अभद्र व्यवहार करता है। इसलिए उसने मैरी को विजू से दूर रहने की चेतावनी दी। एलिज़ा ने मैरी को बॉम्बे लौटने की व्यवस्था की ताकि वह विजू को भूल सके। तब डेविड विजू और मैरी दोनों को ग्रामीणों की मदद से मारने का प्रयास करता है, क्योंकि उसे लगता है कि उनकी प्यार करने की एकमात्र सजा जिसके लायक वो है, मृत्यु है।
 
== मुख्य कलाकार ==