"मुक्तक" के अवतरणों में अंतर

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'''मुक्तक''' [[काव्य]] या [[कविता]] का वह प्रकार है जिसमें चार पंक्तियाँ होती हैं। पहली दूसरी तथा तीसरीचौथे पंक्ति में तुक होती है। तीसरी पंक्ति में तुक नहीं होती है। उदाहरण के लिए दुश्यंत कुमार का यह मुक्तक-
 
संभल संभलकर बहुत पाँव घर रहा हूँ मैं
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