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== पर्यटन स्थल ==
बन्दा ।। बन्दा समस्तीपुर जिला का सबसे अच्छा और विद्वानों का स्थल माना जाता है। बन्दा मैं एक विशाल मंदिर का निर्माण किया जा है। जिसका नाम मानस मंदिर बन्दा के नाम से जाना जाता है।।। बन्दा के नेता कहलाने वाले राधा कांत रॉय , राम प्रताप रॉय , विश्व्नाथ रॉय , नागेंद्र रॉय।।। बन्दा के वर्तमान चमन शांडिल्य जी जो अभी अपनी पढ़ाई दरभंगा में कर रहे है।। बन्दा वासी की कोई भी समस्या हो वो अपनी समस्या गाँव के साथ बांटते है।। राधे राधे।। यहाँ की अमृत वाणी है।।।
 
* '''विद्यापतिनगर''': शिव के अनन्य भक्त एवं महान मैथिल कवि [[विद्यापति]] ने यहाँ [[गंगा]] तट पर अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे। ऐसी मान्यता है कि अपनी बिमारी के कारण विद्यापति जब गंगातट जाने में असमर्थ थे तो [[गंगा]] ने अपनी धारा बदल ली और उनके आश्रम के पास से बहने लगी। वह आश्रम लोगों की श्रद्धा का केंद्र है।
* '''बाबा हरिहरनाथ महादेव मंदिर''': बाबा हरिहरनाथ महादेव मंदिर, ग्राम हरिहरपुर खेढ़ी, प्रखंड खानपुर, जिला समस्तीपुर, बिहार। यह बाबा का स्थान समस्तीपुर से 18 किलोमीटर दूर पुर्व दिशा मे स्थित हैं। इसी पंचायत मे मसिना कोठी हैं जो अंग्रेज के समय का कोठी हैं यहाँ पर उस समय मैं नील की खेती करवाते थे लेकिन देश आजाद होने के बाद यहाँ पर अब मक्के की खेती एवं अन्य फसल का अनुसन्धान केंद्र बन गया हैं यहाँ के द्वारा तैयार किया हुआ बीज दूर दूर तक पहुचाया जाता हैं। इसके निकट के गाँव भोरेजयराम हैं जिसकी खेती करने का जमीन २२ सो एकर के आस पास हैं जहा मक्के की खेती की जाती है। यह स्थान बूढी गंडक नदी के तटबंध किनारे स्थित हैं। इस मंदिर का निर्माण बछौली मुरियारो के स्वर्गीय धोली महतो ने अपनी मनोकामना पूर्ण हो जाने के बाद कराया था। इस मंदिर परिसर में बजरंगबली, माँ दुर्गा , श्री गणेश मंदिर भी है। यह मंदिर अपने शिवरात्री महोत्सव के लिये भी काफी प्रसिद्ध है। इस मन्दिर का उल्लेख होली के समय आकाशवाणी से प्रसारित गानो मे भी होता है। स्थानीय लोगों में इस मंदिर की बड़ी प्रतिष्ठा है और लोगों में ऐसा विश्वास है कि यहाँ पूजा करने से मनोवांछित फल मिलता है।
*रंजितपुर -माँ वैष्णवी मंदिर"' यह समस्तीपुर से १५ किलो मीटर पूरब रंजितपुर गांव में यह मंदिर स्थित है,यहां चैती नवरात्रि में माता रानी की पूजा एवं भव्य मेला का आयोजन किया जाता हैं, यहां की मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से पूजते है उनके हरेक मनोकामना पूर्ण होती है!
*किशनपुर बैकुंठ - यह समस्तीपुर जिले से 23 किलोमीटर दूर वारिसनगर प्रखंड के अंतर्गत बसंतपुर रमणी पंचायत का एक संतोषजनक शिक्षित गाँव, और यहाँ दर्शनयोग्य *श्री बाबा बैकुंठनाथ महादेव मंदिर है जिसके बारे में लोककथा यह है कि एक बार एक व्यक्ति जहर खाये एक व्यक्ति को उसके परिजनों ने यहाँ लाया तो उसके स्वास्थ्य में सुधार आने लगा।
*माँ काली शक्तिपीठ भी यहाँ दर्शन योग्य है जिसका स्थापना सन 1964 में किया गया था।
 
== यातायात सुविधाएँ ==
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