"नालन्दा महाविहार" के अवतरणों में अंतर

341 बैट्स् नीकाले गए ,  2 वर्ष पहले
छो
2409:4052:88A:AED8:0:0:2437:A8A5 (Talk) के संपादनों को हटाकर Godric ki Kothri के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
(→‎अवसान: कुछ बदलाव किया है)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
छो (2409:4052:88A:AED8:0:0:2437:A8A5 (Talk) के संपादनों को हटाकर Godric ki Kothri के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न
 
== अवसान ==
13१३ वीं सदी तक इस विश्वविद्यालय का पूर्णतः अवसान हो गया। मुस्लिम इतिहासकार मिनहाज़ और तिब्बती इतिहासकार तारानाथ के वृत्तांतों से पता चलता है कि इस विश्वविद्यालय को तुर्कों के आक्रमणों से बड़ी क्षति पहुँची। तारानाथ के अनुसार तीर्थिकों और भिक्षुओं के आपसी झगड़ों से भी इस विश्वविद्यालय की गरिमा को भारी नुकसान पहुँचा। इसपर पहला आघात हुण शासक [[मिहिरकुल]] द्वारा किया गया। [[1199११९९]] में [[तुर्क]] आक्रमणकारी [[बख्तियार खिलजी]] ने इसे जला कर पूर्णतः नष्ट कर दिया।<ref name="सतीश"/> बताया जाता है कि जब इसे आग लगाई तब ये लगातार डेढ़ महीने तक जली थी। तब से हम भारतीयों का सम्पूर्ण ज्ञान जल कर राख हो गया है
[[[शालीन गुर्जर]]]
 
== ऐतिहासिक उल्लेख ==
28,738

सम्पादन