"मोहन जोदड़ो" के अवतरणों में अंतर

560 बैट्स् नीकाले गए ,  1 वर्ष पहले
छो
Shronit57 (Talk) के संपादनों को हटाकर Hindustanilanguage के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
छो (Shronit57 (Talk) के संपादनों को हटाकर Hindustanilanguage के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न
==कृषि==
 
अब यह जगज़ाहिर है कि सिंधु घाटी के दौर में व्यापार ही नहीं, उन्नत खेती भी होती थी। बरसों यह माना जाता रहा कि सिंधु घाटी के लोग अन्न उपजाते नहीं थे, उसका आयात करते थे। खुदाई में यह बात भी उजागर हुई है कि यहाँ भी खेतिहर और पशुपालक सभ्यता रही होगी। लोहा शुरु में नहीं था पर पत्थर और तॉबे की बहुतायत थी सिंध के पत्थर, तथा राजस्थान के ताँबो से बनाये गये उपकरण यहाँ खेती करने के लिये काम में लिये जाते थे। इतिहासकार [[इरफ़ान हबीब]] के अनुसार यहाँ के लोग [[रबी]] की फसल बोते थे। [[गेहूँ]], [[सरसों]], [[कपास]], [[जौ]] और [[चना|चने]] की खेती के यहाँ खुदाई में पुख़्ता सबूत मिले हैं। माना जाता है कि यहाँ और भी कई तरह की खेती की जाती थी, केवल कपास को छोडकर यहाँ सभी के [[बीज]] मिले है। दुनिया में [[सूत]] के दो सबसे पुराने कपड़ों में से एक का नमूना यहाँ पर ही मिला था। खुदाई में यहाँ कपड़ों की रंगाई करने के लिये एक कारख़ाना भी पाया गया है।
 
==नगर नियोजन==