"हाइड्रोक्लोरिक अम्ल" के अवतरणों में अंतर

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'''हाइड्रोक्लोरिक अम्ल''' एक प्रमुख अकार्बनिक [[अम्ल]] है। वस्तुतः हाइड्रोजन क्लोराइड गैस के जलीय विलयन को ही '''हाइड्रोक्लोरिक अम्ल''' कहते हैं।
 
इस अम्ल का उल्लेख ग्लौबर ने १६४८ ई. में पहले पहल किया था। जोसेफ़ प्रीस्टली ने १७७२ में पहले पहल तैयार किया और सर हंफ्री डेवी ने १८१० ई. में सिद्ध किया कि [[हाइड्रोजन]] और [[क्लोरीन]] का यौगिक है। इससे पहले लोगों की गलत धारणा थी कि इसमें [[ऑक्सीजन]] भी रहता है। तब इसका नाम 'म्यूरिएटिक अम्ल' पड़ा या जो आज भी कहीं कहीं प्रयोग में आता है।
 
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ज्वालामुखी गैसों में पाया जाता है। मानव जठर में इसकी अल्प मात्रा रहती है और आहार पाचन में सहायक होती है।
 
== निर्माण ==
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