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{{cite web
|publisher=Calcutta Stock Exchange Association Ltd | url=http://www.cse-india.com/cse_factbook.htm | title=Genesis and Growth of the [[Calcutta Stock Exchange]] | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
 
}}</ref> यहां प्रमुख वाणिज्यिक एवं सैन्य बंदरगाह भी है। इनके साथ ही इस क्षेत्र का एकमात्र अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी यहीं है। कभी भारत का मुख्य शहर रहे कोलकाता ने स्वतंत्रता पश्चात कुछ आरंभिक वर्षों में अन्वरत आर्थिक पतन को देखा। इसका मुख्य कारण राजनैतिक अस्थिरता एवं व्यापारिक यूनियनों का बढ़ना था।<ref name=msn>{{cite encyclopedia
|year = 2007 |title=Kolkata | encyclopedia =Microsoft Encarta Online Encyclopedia |url=http://encarta.msn.com/encyclopedia_761555452/Kolkata.html| accessdate =2007-10-13 अक्टूबर 2007}}</ref> १९६० के दशक से १९९० के मध्य दशक तक शहर की प्रगति गिरती ही गयी, जिसका कारण यहां बंद या यहां से स्थानांतरित होती फैक्ट्रियां और व्यापार थे।<ref name=msn /> इस वजह से पूंजी निवेश एवं संसाधनों की कमी उत्पन्न हुई, जो कि यहां की गिरती आर्थिक स्थिति के भरपूर सहायक कारक सिद्ध हुए।<ref name=follath>
 
{{cite news
|title=The Indian Offensive: From Poorhouse ro Powerhouse
|publisher=Spiegel Online
|date=2005-11-30 नवंबर 2005
|accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
 
}}</ref> [[भारत की अर्थ व्यवस्था|भारतीय आर्थिक नीति]] के उदारीकरण की प्रक्रिया ने १९९० के दशक में शहर की भाग्यरेखा को नई दिशा दी। इसके बाद उत्पादन भी बढ़ा एवं बेकार श्रमिकों को भी काम मिला।<ref>Chakravorty S (2000). "From Colonial City to Global City? The Far-From-Complete Spatial Transformation of Calcutta" in {{Harv|Marcuse|van Kempen|2000|pp=56–77}}</ref> उदाहरणार्थ, यहां के सड़कों पर फेरीवाले लगभग ८७२२ करोड़ रुपये (२००५ के आंकड़ों के अनुसार) का व्यापार कर रहे थे।<ref name = "Telegraphhawker" >{{cite web |url=http://www.telegraphindia.com/1061130/asp/frontpage/story_7071031.asp
|title=Hawkers stay as Rs. 265 crore talks |accessdate= 2008-02-16 फरवरी 2008 | last =Ganguly |first=Deepankar| work =|publisher=''The Telegraph'', 30 नवम्बर 2006}}</ref>
 
[[चित्र:KolkataFlowermarket.jpg|thumb|left|फ्लावर मार्किट में पुष्प विक्रेता]]
|author=Datta T| url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/programmes/crossing_continents/4830762.stm
|title=Rising Kolkata's winners and losers | publisher=BBC Radio 4's Crossing Continents
|date=2006-03-22 मार्च 2006| accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006}}</ref> हाल के वर्षों में यहां गृह-निर्माण एवं रियल एस्टेट क्षेत्र में भी निवेशक उमड़े हैं। इसका कारण एवं परिणाम शहर में कई नई परियोजनाओं का आरंभ होना है।<ref name=rajarhat>
{{cite news
|author=मुखर्जी शंकर
| url=http://www.telegraphindia.com/1050328/asp/calcutta/story_4541017.asp
|title=डिमांड स्पर्स न्यू टाउन III- नेवर बिफोर रिस्पॉन्स टू राजारहाट सेल | publisher=द टेलीग्राफ- कोलकाता| date=2005-03-28 मार्च 2005| accessdate=2006-07-25 जुलाई 2006}}</ref> कोलकाता में कई बड़ी भारतीय निगमों की औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं, जिनके उत्पाद जूट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक हैं। कुछ उल्लेखनीय कंपनियां जिनके यहां मुख्यालय हैं, [[आईटीसी लिमिटेड]], [[बाटा शूज़]], [[बिरला कॉर्पोरेशन]], [[कोल इंडिया लिमिटेड]], [[दामोदर वैली कॉर्पोरेशन]], [[यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया]], [[यूको बैंक]] और [[इलाहाबाद बैंक]], आदि प्रमुख हैं। हाल ही में [[भारत सरकार]] की पूर्व-देखो (लुक ईस्ट) नीति, [[नाथू ला दर्रा]] के [[सिक्किम]] में खोले जाने एवं [[चीन]] तथा [[दक्षिण पूर्व एशिया|दक्षिण पूर्व एशियाई देशों]] से व्यापारिक संबंध बढ़ाने की नीतियों के कारण यहां कई देशों ने भरतीय बाजार में पदार्पण किया है। इसके चलते कोलकाता में निवेश होने से यहां की अर्थ-व्यवस्था को अप-थर्स्ट मिला है।<ref>{{cite news
|author=संबित साहा
|url=http://www.rediff.com/money/2003/sep/09trading.htm
|title=नाथू ला ट्रेड मे स्पर बिज़नेस इन एन-ई
|publisher=रीडिफ.कॉम
|date=9 सितंबर 2003-09-09
|accessdate=2007-09-18 सितंबर 2007
}}</ref><ref>{{cite news
|author=सी.राजा मोहन
|title=ए फ‘ओरन पॉलिसी फॉर द ईस्ट
|publisher=[[द हिन्दू]]
|date=2007-07-16 जुलाई 2007
|accessdate=2007-09-18 सितंबर 2007
}}</ref>
 
कोलकाता में [[उष्णकटिबंधीय]] आर्द्र-शुष्क जलवायु रहती है। यह [[कोप्पेन जलवायु वर्गीकरण]] के अनुसार ''Aw'' श्रेणी में आती है। वार्षिक औसत तापमान २६.८&nbsp;[[सेल्सियस|°से.]] (८०&nbsp;[[फैरनहाइट|°फ़ै.]]); मासिक औसत तापमान १९&nbsp;°से. से ३०&nbsp;°से. (67&nbsp;°फ़ै. से ८६&nbsp;°फ़ै.) रहता है।<ref name=weatherbase>
{{cite web
| publisher=Canty and Associates LLC | url=http://www.weatherbase.com/weather/weatherall.php3?s=090824&refer=&units=metric | title=Weatherbase entry for Kolkata | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
}}</ref> [[ग्रीष्म ऋतु]] गर्म एवं आर्द्र रहती है, जिसमें न्यूनतम तापमान ३० डिग्री के दशक में रहता है तथा शुष्क कालों में यह ४०&nbsp;°से (104&nbsp;°फ़ै) को भी पार कर जाता है। ऐसा [[मई]] और [[जून]] माह में होता है।<ref name=weatherbase/> [[शीत ऋतु]] ढाई माह तक ही रहती हैं; जिसमें कई बार न्यूनतम तापमान १२&nbsp;°से&nbsp;–&nbsp;१२&nbsp;°से. (54&nbsp;°फ़ै.&nbsp;–&nbsp;५७&nbsp;°फ़ै.) तक जाता है। ऐसा [[दिसम्बर]] से [[फरवरी]] के बीच होता है। उच्चतम अंकित तापमान ४९°से. &nbsp;°से. (११३&nbsp;°फ़ै.) एवं न्यूनतम ५&nbsp;°से. (४१&nbsp;°फ़ै.) किया गया है।<ref name=weatherbase/> प्रायः ग्रीष्मकाल के आरंभ में धूल भरी आंधियां आती हैं, जिनके पीछे [[तड़ित]] सहित तेज वर्षाएं शहर को भिगोती हैं, एवं शहर को भीषण गर्मी से राहत दिलाती हैं। ये वर्षाएं काल बैसाखी ({{lang|bn|কালবৈশাখী}}) कहलाती हैं।<ref name=kalboisakhi>{{cite web
| url = http://amsglossary.allenpress.com/glossary/search?id=kal-baisakhi1
| title = kal Baisakhi| accessdate = 5 सितंबर 2006-09-05| work = Glossary of Meteorology
| publisher = American Meteorological Society
}}</ref>
 
दक्षिण-पश्चिम [[मानसून]] की [[बंगाल की खाड़ी]] वाली शाखा द्वारा लाई गई वर्षाएं<ref name=monsoontribune>
{{cite web |url=http://www.tribuneindia.com/2003/20030714/agro.htm#2 |title=Know your monsoon |accessdate= 9 जून 2007-06-09 |last= Khichar|first=M.L.|author2=Ram Niwas |date=[[जुलाई 14]] [[2003]] |work=Agriculture Tribune, The Tribune|publisher= The Tribune Trust}}</ref> शहर को [[जून]] अंत से [[सितंबर]] के बीच यहां की अधिकतम वार्षिक वर्षा १५८२&nbsp;मि.मी. (६२.३ इंच) दिलाती हैं। मानसून काल में अधिकतम वर्षाएं [[अगस्त]] में होती हैं जो (३०६&nbsp;मि.मी.) तक जाती हैं। शहर में वार्षिक २,५२८ घंटे खुली धूप उपलब्ध रहती है, जिसमें अधिकतम दैनिक अंतराल [[मार्च]] के महीने में होता है।<ref name=ESS>
 
{{cite web
| publisher=Gaia: Environmental Information System | url=http://www.ess.co.at/GAIA/CASES/IND/CAL/CALmain.html | title=Calcutta: Not 'The City of Joy' | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
 
}}</ref> कोलकाता की प्रधान समस्या प्रदूषण की है। यहां का सस्पेन्डेड पर्टिकुलेट मैटर स्तर भारत के अन्य प्रधान शहरों की अपेक्षा बहुत है,<ref name=ambientairquality>{{cite web
|author=Central Pollution Control Board | publisher=Ministry of Environment & Forests, Govt of India | url=http://www.cpcb.nic.in/mcity/m2002.htm | title=Ambient Air Quality in Seven Major Cities During 2002 | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
 
}}</ref><ref name=airquality>{{cite web
|author=Central Pollution Control Board | publisher=Ministry of Environment & Forests, Govt of India | url=http://www.cpcb.nic.in/mcity/2006/16_1703/16_1703.htm | title=Air quality in major cities on 16–17 मार्च 2006 | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
 
}}</ref> जो गहरे [[स्मॉग]] और [[धुंध]] का कारण बनता है। शहर में भीषण प्रदूषण ने प्रदूषण-संबंधी श्वास रोगों जैसे फेफड़ों के कैंसर को बढावा दिया है।<ref name=BBC51707>{{cite news
| first = Subir | last = Bhaumik | title = Oxygen supplies for India police
| url = http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/6665803.stm | work = South Asia | publisher = BBC
| date = [[17 मई]] [[2007]] | accessdate = 2007-06-23 जून 2007 }}</ref>
 
== शहरी संरचना ==
[[चित्र:Kolka.jpg|thumb|कोलकाता का विहंगम दृश्य]]
[[कोलकाता नगर निगम]] (के.एम.सी) के अनुरक्षन में कोलकाता शहर का क्षेत्रफल {{convert|185|km2|sqmi|abbr=on|0}} है।<ref name=Metropolis>{{cite web
|publisher=World Association of the Major Metropolises |url=http://www.metropolis.org/upload/file/438_007_kolkata_eng.pdf |title=007 Kolkata (India) |format=PDF |accessdate=2007-08-31 अगस्त 2007}}</ref> हालांकि कोलकाता की शहरी बसावट काफ़ी बढ़ी है, जो २००६ में कोलकाता शाहरी क्षेत्र {{convert|1750|km2|sqmi|abbr=on|0}} में फैली है।<ref name=Metropolis/> इसमें १५७ [[डाक सूचकांक संख्या|पिन क्षेत्र]] है।<ref name=postal>{{cite web
|url=http://www.bloom9.com/info/postal_codes.asp
|title=Kolkata Postal Codes
|accessdate=2007-08-29 अगस्त 2007
|publisher=bloom9.com
}}</ref> यहां की शहरी बसावट के क्षेत्रों को औपचारिक रूप से ३८ स्थानीय नगर पालिकाओं के अधीन रखा गया है। इन क्षेत्रों में ७२ शहर, ५२७ कस्बे एवं ग्रामीण क्षेत्र हैं।<ref name=Metropolis/> कोलकाता महानगरीय जिले के उपनगरीय क्षेत्रों में [[उत्तर २४ परगना]], [[दक्षिण २४ परगना]], [[हावड़ा जिला|हावड़ा]] एवं [[नदिया जिला|नदिया]] आते हैं।
{{main|कोलकाता का भूगोल }}
कोलकाता [[भारत|पूर्वी भारत]] में {{coord|22|33|N|88|20|E|}} निर्देशांक पर [[गंगा डेल्टा]] क्षेत्र में {{convert|1.5|m|ft|abbr=on|0}} से {{convert|9|m|ft|abbr=on|0}} की ऊंचाई पर स्थित है।<ref>[http://photojournal.jpl.nasa.gov/catalog/PIA01844 NASA image].</ref> शहर हुगली नदी के किनारे किनारे उत्तर-दक्षिण रैखिक फैला हुआ है। शहर का बहुत सा भाग एक वृहत नम-भूमि क्षेत्र था, जिसे भराव कर शहर की बढ़ती आबादी को बसाया गया है।<ref name=marshypast>{{cite web
|url=http://www.catchcal.com/kaleidoscope/calcutta.asp |title=An Introduction |accessdate=2007-08-29 अगस्त 2007 |work=History of Kolkata |publisher=Catchcal.com }}</ref> शेष बची नम-भूमि जिसे अब [[ईस्ट कैल्कटा वेटलैंड्स]] कहते हैं, को [[रामसर सम्मेलन]] के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्व की नम-भूमि घोषित किया गया है।<ref>{{Cite journal
| first =S. |last=Roy Chadhuri| first2 = A. R.| last2 = Thakur | title =Microbial genetic resource mapping of East Calcutta wetlands | journal = Current Science| volume =91| issue =2 |date=2006-07-25 जुलाई 2006| pages =212–217| publisher =Indian Academy of Sciences|url=http://www.ias.ac.in/currsci/jul252006/212.pdf |format=PDF|accessdate=2 सितंबर 2007-09-02}}</ref>
 
अन्य [[गांगेय क्षेत्र|गांगेय क्षेत्रों]] की तरह यहां की मिट्टी भी उपजाऊ जलोढ़ (अल्यूवियल) ही है। मिट्टी की ऊपरी पर्त के नीचे चतुर्धात्विक अवसाद, मिट्टी, गाद, एवं रेत की विभिन्न श्रेणियां अतथा बजरी आदि है। ये कण मिट्टी की दो पर्तों के बीच बिछे हुए हैं। इनमें से निचली पर्त {{convert|250|m|ft|abbr=on|0}} तथा {{convert|650|m|ft|abbr=on|0}} और ऊपरी पर्त {{convert|10|m|ft|abbr=on|0}} तथा {{convert|40|m|ft|abbr=on|0}} की मोटाई की है।<ref name=Bunting>
{{cite web
|author =Bunting SW, Kundu N, Mukherjee M | publisher=Institute of Aquaculture, University of Stirling, Stirling, UK | url=http://www.dfid.stir.ac.uk/dfid/nrsp/download/sitanal.pdf | title=Situation Analysis. Production Systems and Natural Resources Use in PU Kolkata | page= 3 | format= PDF | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
}}</ref> [[भारतीय मानक ब्यूरो]] के अनुसार, शहर [[भूकम्प|भूकंप प्रभावी क्षेत्र श्रेणी-तृतीय]] में आता है। यह श्रेणियां १-४ के बीच बढ़ते क्रम में होती हैं।<ref name=hazardprofile>{{cite web
|url=http://www.undp.org.in/dmweb/hazardprofile.pdf |title=Hazard profiles of Indian districts
|accessdate=2006-08-23 अगस्त 2006 |format=PDF |work=National Capacity Building Project in Disaster Management |publisher=[[UNDP]] |archiveurl=http://web.archive.org/web/20060519100611/http://www.undp.org.in/dmweb/hazardprofile.pdf
|archivedate=2006-05-19 मई 2006
}}</ref> [[संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम|यूएनडीपी]] रिपोर्ट के अनुसार वायु और चक्रवात के लिए यह अत्योच्च क्षति जोखिम क्षेत्र में आता है।<ref name=hazardprofile/>
 
 
{{cite web
|publisher=संयुक्त राष्ट्र Environment Programme | url=http://www.unep.or.jp/ietc/ESTdir/Pub/MSW/SP/SP4/SP4_2.asp | title=Sound Practices Composting | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
 
}}</ref> शहर के कुछ भागों में सीवर द्वारा मल निकास का अभाव होने से अस्वास्थवर्धक मल निकास को बढ़ावा मिलता है।<ref name=ESS>
 
{{cite web
|publisher=Gaia: Environmental Information System | url=http://www.ess.co.at/GAIA/CASES/IND/CAL/CALmain.html | title=Calcutta: Not 'The City of Joy' | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
 
}}</ref> शहर की विद्युत आपूर्ति [[कैल्कटा इलेक्ट्रिक सप्लाई कार्पोरेशन]] (सी.ई.एस.सी) द्वारा शहर क्षेत्र में, तथा [[पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत बोर्ड]] द्वारा उपनगरीय क्षेत्रों में की जाती है। १९९० के दशक के मध्य तक विद्युत आपूर्ति में अत्यधिक व्यवधान एवं कटौती की समस्या थी; जो कि अब इसकी दशा में काफ़ी सुधार हुआ है, एवं अब कटौती बहुत ही कम की जाती है। शहर में २० अग्नि-शमन स्टेशन [[पश्चिम बंगाल अग्नि-शमन सेवा]] के अन्तर्गत वार्षिक औसत ७५०० अग्निकांडों को शमन करते हैं।<ref name=dheri>
 
{{cite web
|author=Dheri SK, Misra GC | publisher=indiadisasters.org | url=http://www.indiadisasters.org/idrpdf/Other%20Disasters/Otherdisasters%20Fire.PDF | title=Fire: Blazing Questions | format= PDF | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006|archiveurl=http://web.archive.org/web/20041224200247/http://www.indiadisasters.org/idrpdf/Other+Disasters/Otherdisasters+Fire.PDF
|archivedate=2004-12-24 दिसंबर 2004
 
}}</ref>
 
बहुत से [[बांग्ला]] समाचार-पत्र यहां प्रकाशित होते हैं, जिनमें [[आनंद बाजार पत्रिका]], [[आजकल]], [[बर्तमान]], [[संगबाद प्रतिदिन]], [[गणशक्ति]] तथा [[दैनिक स्टेट्स्मैन]] प्रमुख हैं। अंग्रेज़ी समाचार पत्रों में [[द टेलीग्राफ]], [[द स्टेट्स्मैन]], [[एशियन एज]], [[हिन्दुस्तान टाइम्स]] एवं [[टाइम्स ऑफ इंडिया]] प्रमुख हैं। कुछ मुख्य सामयिक पत्रिकाओं में से [[देश पत्रिका|देश]], [[सनंद]], [[उनिश कुरी]], किंड्ल, [[आनंदलोक]] तथा [[आनंद मेला]] प्रमुख हैं। पूर्वी भारत में सबसे बड़े व्यापारिक केन्द्र होने से कई वित्तीय दैनिक जैसे [[इकॉनोमिक टाइम्स]], [[फाइनेंशियल एक्स्प्रेस]] तथा [[बिज़नेस स्टैन्डर्ड]] आदि के पर्याप्त पाठक हैं।<ref>{{cite web
|author= | publisher=International Trade Administration | url=http://trade.gov/press/press_releases/2006/india_mission_statement_112006.pdf | title=Business Development Mission to India 29 नवम्बर – 5 दिसम्बर 2006| format= PDF | accessdate=2007-10-13 अक्टूबर 2007}}</ref> यहां के अन्य भाषाओं के अल्पसंख्यकों के लिए [[हिन्दी]], [[गुजराती]], [[उड़िया]], [[उर्दु]], [[पंजाबी]] तथा [[चीनी]] पत्र भी प्रकाशित होते हैं।
 
यहां सरकारी रेडियो स्टेशन [[ऑल इंडिया रेडियो]] से कई [[ए एम प्रसारण|ए एम]] रेडियो चैनल प्रसारित करता है। कोलकाता में ग्यारह [[एफ एम प्रसारन|एफ़ एम रेडियो]] स्टेशन प्रसारित होते हैं। इनमें से दो ऑल इंडिया रेडियो के हैं। सरकारी टीवी प्रसारणकर्ता [[दूरदर्शन]] से दो टेरेस्ट्रियल चैनल प्रसारित किये जाते हैं। चार बहु-प्रणाली ऑपरेटार (एम एस ओ) द्वारा बांग्ला, हिन्दी, अंग्रेज़ी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल केबल टीवी द्वारा दिखाए जाते हैं। [[भारत में बंगाली टीवी चैनलों की सूची|बांग्ला उपग्रह चैनलों]] में [[एबीपी आनंद]], [[२४ घंटा]], [[कोलकाता टीवी]], [[चैनल १०]] तथा [[तारा न्यूज़]] प्रमुख हैं।
[[चित्र:Kolkata Tram.jpg|thumb|left|भारत में एकमात्र कोलकाता शहर में ट्राम चलती हैं।]] [[चित्र:Vidyasagar setu.jpg|thumb|[[विद्यासागर सेतु]] कोलकाता को [[हावड़ा]] से जोड़ता है]]
कोलकाता में जन यातायात [[कोलकाता उपनगरीय रेलवे]], [[कोलकाता मेट्रो]], ट्राम और बसों द्वारा उपलब्ध है। व्यापक उपनगरीय जाल सुदूर उपनगरीय क्षेत्रों तक फैला हुआ है। [[भारतीय रेल]] द्वारा संचालित [[कोलकाता मेट्रो]] भारत में सबसे पुरानी भूमिगत यातायात प्रणाली है।<ref>{{cite web
|publisher=[[Kolkata Metro]] | url=http://www.kolmetro.com/ | title= About Kolkata Metro| accessdate=1 सितंबर 2007-09-01
}}</ref> ये शहर में उत्तर से दक्षिण दिशा में [[हुगली नदी]] के समानांतर शहर की लंबाई को १६.४५&nbsp;कि.मी. में नापती है। यहां के अधिकांश लोगों द्वारा बसों को प्राथमिक तौर पर यातायात के लिए प्रयोग किया जाता है। यहां सरकारी एवं निजी ऑपरेटरों द्वारा बसें संचालित हैं। भारत में कोलकाता एकमात्र शहर है, जहाँ ट्राम सेवा उपलब्ध है। ट्राम सेवा [[कैल्कटा ट्रामवेज़ कंपनी]] द्वारा संचालित है।<ref name=onlytram>{{Cite web
|title=Intra-city train travel | url= http://timesfoundation.indiatimes.com/articleshow/657741.cms|accessdate=2007-08-31 अगस्त 2007 |work= reaching India |publisher=Times Internet Limited}}</ref> ट्राम मंद-गति चालित यातायात है, व शहर के कुछ ही क्षेत्रों में सीमित है। [[मानसून]] के समय भारी वर्षा के चलते कई बार लोक-यातायात में व्यवधान पड़ता है।<ref>{{cite news
|title=HC admits PIL on waterlogging |url=http://timesofindia.indiatimes.com/Kolkata/HC_admits_PIL_on_waterlogging/articleshow/2193171.cms |work=Times of India
|publisher =Times Internet Limited |date=11 जुलाई 2007 |accessdate=2007-07-18 जुलाई 2007
}}</ref><ref>{{cite news |title=Rain abates, but water logging paralyses normal life in Kolkata
|url=http://www.dailyindia.com/show/154671.php/Rain-abates-but-water-logging-paralyses-normal-life-in-Kolkata
|work=dailyindia.com | publisher =DailyIndia.com |date=4 जुलाई 2007 |accessdate=2007-07-18 जुलाई 2007 }}</ref>
 
भाड़े पर उपलब्ध यांत्रिक यातायात में पीली मीटर-टैक्सी और ऑटो-रिक्शॉ हैं। कोलकाता में लगभग सभी पीली टैक्सियाँ [[हिन्दुस्तान एम्बेसैडर|एम्बेसैडर]] ही हैं। कोलकाता के अलावा अन्य शहरों में अधिकतर [[टाटा इंडिका]] या [[फिएट]] ही टैसी के रूप में चलती हैं। शहर के कुछ क्षेत्रों में साइकिल-रिक्शा और हाथ-चालित रिक्शा अभी भी स्थानीय छोटी दूरियों के लिए प्रचालन में हैं। अन्य शहरों की अपेक्षा यहां निजी वाहन काफ़ी कम हैं। ऐसा अनेक प्रकारों के लोक यातायात की अधिकता के कारण है।<ref name=niua>
{{cite web
|publisher=National Institute of Urban Affairs | url=http://www.niua.org/newniuaorg/table_e2.htm | archiveurl=http://web.archive.org/web/20050219033026/http://www.niua.org/newniuaorg/table_e2.htm | archivedate=2005-02-19 फरवरी 2005 | title=Table E2 Registered Motor Vehicles in Million-plus Cities,1991 to 1996 (As on 31 मार्च)| accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
}}</ref> हालांकि शहर ने निजी वाहनों के पंजीकरण में अच्छी बड़ोत्तरी देखी है। वर्ष [[२००२]] के आंकड़ों के अनुसार पिछले सात वर्षों में वाहनों की संख्या में ४४% की बढ़त दिखी है।<ref name=SandipChakroborty>{{cite web
|publisher=[[UNESCAP]]| url=http://www.unescap.org/ttdw/Publications/TPTS_pubs/bulletin74/bulletin74_ch5.pdf| title=Traffic Accident Characteristics of Kolkata| accessdate=5 जुलाई 2006-07-05
|format=PDF}}</ref> शहर के जनसंख्या घनत्व की अपेक्षा सड़क भूमि मात्र ६% है, जहाँ [[दिल्ली]] में यह २३% और [[मुंबई]] में १७% है। यही यातायात जाम का मुख्य कारण है।<ref name=hindubusiness>{{cite news | url=http://www.thehindubusinessline.com/2004/09/06/stories/2004090600791300.htm | title=Call to ensure traffic discipline in Kolkata | publisher=द हिन्दू बिज़नस लाइन | date=5 सितंबर 2004-09-05 | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006 }}</ref> इस दिशा में [[कोलकाता मेट्रो]] रेलवे तथा बहुत से नये फ्लाई-ओवरों तथा नयी सड़कों के निर्मान ने शहर को काफ़ी राहत दी है।
 
कोलकाता में दो मुख्य लंबी दूरियों की गाड़ियों वाले [[रेलवे स्टेशन]] हैं- [[हावड़ा जंक्शन]] और [[सियालदह जंक्शन]]। [[कोलकाता रेलवे स्टेशन]] नाम से एक नया स्टेशन [[२००६]] में बनाया गया है।<ref>{{cite news | url=http://www.telegraphindia.com/1060220/asp/calcutta/story_5868502.asp
| title=New station flag-off- Amenities added | publisher=The Telegraph | date=2006-02-20 फरवरी 2006 | accessdate=2 सितंबर 2007-09-02 }}</ref> कोलकाता शहर [[भारतीय रेलवे]] के दो मंडलों का मुख्यालय है – [[पूर्वी रेलवे (भारत)|पूर्वी रेलवे]] और [[दक्षिण पूर्वी रेलवे (भारत)|दक्षिण-पूर्व रेलवे]]।<ref name=irfcazones>{{Cite web
|title=Geography : Railway Zones | url=http://www.irfca.org/faq/faq-geog.html |accessdate=2007-08-31 अगस्त 2007 |work= IRFCA.org
|publisher=Indian Railways Fan Club}}</ref>
 
[[चित्र:StraßenbahngleisplanKolkataOktober2004.jpg|200px|right|thumb|[[कोलकाता मेट्रो रेल]] का मानचित्र]]
शहर के विमान संपर्क हेतु [[कोलकाता विमानक्षेत्र|नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा]] [[दम दम]] में स्थित है। यह [[विमानक्षेत्र]] शहर के उत्तरी छोर पर है व यहां से दोनों, अन्तर्देशीय और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानें चलती हैं। यह नगर पूर्वी भारत का एक प्रधान बंदरगाह है। [[कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट]] ही कोलकाता पत्तन और [[हल्दिया]] पत्तन का प्रबंधन करता है।<ref name=dockport>{{cite web |url=http://www.kolkataporttrust.gov.in/index_new.html |title= Salient Physical Features|accessdate=9 जून 2007-06-09|work=Kolkata Port Trust |publisher=Kolkata Port Trust, भारत }}</ref> यहां से [[अंडमान निकोबार द्वीपसमूह]] में [[पोर्ट ब्लेयर]] के लिये यात्री जहाज और [[भारत के बंदरगाह|भारत के अन्य बंदरगाहों]] तथा विदेशों के लिए [[भारतीय शिपिंग निगम]] के माल-जहाज चलते हैं। यहीं से कोलकाता के द्वि-शहर [[हावड़ा]] के लिए फेरी-सेवा भी चलती है।
कोलकाता में दो बड़े [[रेलवे स्टेशन]] हैं जिनमे एक [[हावड़ा]] और दूसरा [[सियालदह]] में है, हावड़ा तुलनात्मक रूप से ज्यादा बड़ा स्टेशन है जबकि सियालदह से स्थानीय सेवाएँ ज्यादा हैं। शहर में उत्तर में [[दमदम]] में नेताजी [[सुभाषचंद्र बोस]] अंतर्राष्ट्रीय [[हवाई अड्डा]] जो शहर को देश विदेश से जोड़ता है। शहर से सीधे [[ढाका]] [[यांगून]], [[बैंकाक]] [[लंदन]] [[पारो]] सहित मध्य पूर्व एशिया के कुछ शहर जुड़े हुये हैं। कोलकाता [[भारतीय उपमहाद्वीप]] का एकमात्र ऐसा शहर है जहाँ [[ट्राम]] यातायात का प्रचलन है। इसके अलावा यहाँ [[कोलकाता मेट्रो]] की [[भूमिगत रेल]] सेवा भी उपलब्ध है। [[गंगा]] की शाखा [[हुगली]] में कहीं कहीं [[स्टीमर]] यातायात की सुविधा भी उपलब्ध है। सड़कों पर नीजी बसों के साथ साथ [[पश्चिम बंगाल]] यातायात परिवहन निगम की भी काफी बसें चलती हैं। शहर की सड़कों पे काली-पीली टैक्सियाँ चलती हैं। धुंएँ, धूल और प्रदूषण से राहत शहर के किसी किसी इलाके में ही मिलती है।
 
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|footnote= स्रोत: [[भारत की जनगणना]]<ref name="Census data">{{cite web|url=http://mospi.gov.in/comenv2000tab7.2.11.htm| title=सारणी 7.2.11|publisher=mospi.gov.in|accessdate=2008-06-23 जून 2008}}</ref>}}
कोलकाता निवासियों को कलकतिया कहा जाता है। वर्ष २००१ की जनगणनानुसार कोलकाता शहर की कुल जनसंख्या ४,५८०,५४४ है, जबकि यहां के सभी शहरी क्षेत्रों को मिलाकर १३,२१६,५४६ है। २००९ वर्ष की परियोजनाओं के वर्तमान अनुमान के अनुसार शहर की जनसंख्या ५,०८०,५१९ है।<ref name="worldgazetteer">[http://web.archive.org/web/20061117081029/www.world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gcis&lng=en&dat=32&geo=-104&srt=npan&col=aohdq&pt=c&va=&srt=pnan वर्ल्ड गैज़ेटियर: भारत - जनसंख्या के आधारपर सबसे बड़े शहर और कस्बे] अभिगमन तिथि: [[४ जून]], [[२००९]]</ref> यहां का [[लिंग अनुपात]] ९२८ स्त्रियां प्रति १०० पुरुष है।<ref name=census1literacy>{{cite web
|author=सेन्सस ऑपरेशन निदेशालय, पश्चिम बंगाल| url=http://web.cmc.net.in/wbcensus/DataTables/02/FrameTable4_17.htm | title=Table-4: Population, Decadal Growth Rate, Density and General Sex Ratio by Residence and Sex, West Bengal/ District/ Sub District, 1991 and 2001|work=Census of India 2001: Provisional Population Totals, West Bengal |year=2003 |accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
}}</ref>{{ndash}} जो कि राष्ट्रीय औसत से कम है। इसका कारण ग्रामीण क्षेत्रों से काम के लिए आने वाले पुरुष हैं। शहर की साक्षरता दर ८१% है<ref name=census1>{{cite web
|author=Directorate of Census Operations, West Bengal | url=http://web.cmc.net.in/wbcensus/DataTables/02/FrameTable-11.htm | title=Table 11 Literacy Rate with Decadal Percentage Point Increase (in brackets) * by Residence and Sex, West Bengal / District 1951–2001 |year=2003 |accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
}}</ref> जो राष्ट्रीय औसत ८०% से अधिक है।<ref name=censusindliter>{{cite web
|author=| url=http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/India_at_Glance/literates1.html| archiveurl=http://web.archive.org/web/20070416033451/http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/India_at_Glance/literates1.html| archivedate=2007-04-16 अप्रैल 2007 | title= Number of Literates & Literacy Rate|work=India at a Glance|accessdate=5 दिसंबर 2006-12-05|publisher=Registrar General & Census Commissioner, भारत}}</ref> [[कोलकाता नगर निगम]] के क्शेत्रों की पंजीकृत विकार दर ४.१% है, जो [[साँचा:भारत के मिलियन+ नगर|भारत के दस लाख से अधिक जनसंख्या]] वाले शहरों में न्यूनतम है।<ref name=millionplushighlights>{{cite web
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|archiveurl=http://web.archive.org/web/20070105033650/http://www.censusindia.net/results/millioncities_analysis.html
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|title=Highlights: Cities with more than one Million Population
|accessdate=2006-08-18 अगस्त 2006
|date=13 सितंबर 2001
|date=2001-09-13
|work= Census of India 2001 (Provisional)
|publisher=Office of the Registrar General, भारत
}}</ref>
 
[[बंगाली लोग]] ही कोलकाता की जनसंख्या का अधिकांश भाग बनाते हैं (५५%), जिनके अलावा [[मारवाड़ी]] और [[बिहारी]] लोग यहां अल्पसंख्यकों का बड़ा भाग (२०%) हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.kolkatamycity.com/basic_stat.asp |title=Basic Statistics of Kolkata |publisher=KolkataMyCity.com |date= |accessdate=2 नवंबर 2008-11-02}}</ref> कोलकाता में अल्पसंख्यक समुदायों में चीनी, तमिल, नेपाली, उड़िया, तेलुगु, असमी, गुजराती, आंग्ल-भारतीय, [[उड़िया]] और [[भोजपुरी]] समुदाय आते हैं।
 
जनगणना के अनुसार कोलकाता की जनसंख्या का ८०% भाग [[हिन्दू]] हैं। शेष १८% [[मुस्लिम]], १% [[ईसाई]] और १% [[जैन]] लोग हैं। अन्य अल्पसंख्यक समुदायों में [[सिख]] [[बौद्ध]], [[यहूदी]] और [[पारसी]] समुदाय आते हैं।<ref name=census2>{{cite web
|publisher=Office of the Registrar General and Census Commissioner, भारत | url=http://www.censusindiamaps.net/page/Religion_WhizMap1/housemap.htm | title=Census GIS Household |accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006}}</ref> नगर की जनसंख्या का एक-तिहाई भाग यानि १५ लाख लोग २,०११ पंजीकृत क्षेत्रों और कालोनियों तथा ३,५०० अनाधिकृत क्षेत्रों और झुग्गियों में वास करते हैं।<ref name=kundu>{{cite web
|author =Kundu N | publisher=Development Planning Unit. University College, London | url=http://www.ucl.ac.uk/dpu-projects/Global_Report/pdfs/Kolkata_bw.pdf | title=Understanding slums: Case Studies for the Global Report on Human Settlements 2003. The Case of Kolkata, भारत | page= 6 | format= PDF | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006
}}</ref>
 
|author =National Crime Records Bureau |year=2004 |title=Crime in India-2004
|chapter = General Crime Statistics Snapshots 2004 | chapterurl = http://ncrb.nic.in/crime2004/cii-2004/Snapshots.pdf | page= 1 | format= PDF
|publisher=गृह मंत्रालय | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006}}</ref> कोलकाता जिला पुलिस ने वर्ष [[२००४]] में [[भारतीय दंड धारा|आई.पी.सी]] के अंतर्गत १०,५७५ मामले दर्ज किए थे, जो देश में दसवें स्थान पर सबसे अधिक थे।<ref name=ncrb2>{{cite book
|author =National Crime Records Bureau |year=2004 |title=Crime in India-2004
|chapter = Executive Summary | chapterurl = http://ncrb.nic.in/crime2004/cii-2004/CHAP1.pdf
|page= 34 | format= PDF |publisher=[[गृह मंत्रालय, भारत सरकार]]
|accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006}}</ref> [[२००६]] में शहर की अपराध दर ७१ प्रति १ लाख रही, जो राष्ट्रीय अपराध दर १६७.७ से बहुत कम है और सभी बड़े शहरों से न्यूनतम है।<ref name=ncrb06megacities>{{cite book
|author =National Crime Records Bureau |year=2006 |title=Crime in India-2006
|chapter = Crimes in Mega Cities| chapterurl = http://ncrb.nic.in/cii2006/cii-2006/CHAP2.pdf
|pages= | format= PDF |publisher=गृह मंत्रालय
|accessdate=9 मई 2008-05-09}}</ref> कोलकाता का [[सोनागाची]] क्षेत्र १०,००० वेश्याओं सहित,<ref name=grant>{{cite news
|author=Grant M | url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/4055143.stm
|title=Girl-trafficking hampers Aids fight | publisher=BBC | date=2004-11-30 नवंबर 2004
|accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006}}</ref> [[एशिया]] का सबसे बड़ा [[red-light district|रेड-लाइट क्षेत्र]] है।
 
== संस्कृति ==
|author =पी सिन्हा|year=१९९० |title=कोलकाता — द लिविंग सिटी, खंड-१: द पास्ट
|chapter = कोलकाता एण्ड द करेन्ट्स ऑफ द हिस्ट्री |editor=चौधई एस. (संपा.) |publisher=ऑक्स्फ़ोर्ड युनिवर्सिटी प्रेस, ऑक्स्फ़ोर्ड }}<br /> Cited by: {{cite web
|author =Heierstad G | publisher=University of Oslo, Norway| url=http://folk.uio.no/gheierst/nandikar.pdf | title=नंदीकर: स्टेजिंग ग्लोबालाइज़ेशन इन कोलकाता एण्ड अब्रॉड | page=102 |year=2003| format= PDF | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006}}</ref> इन कारणों से ही कोलकाता को कभी कभी भारत की सांस्कृतिक राजधानी भी कह दिया जाता है, जो अतिश्योक्ति न होगी।
कोलकाता का एक खास अंग है पारा, यानि पास-पड़ोस के क्षेत्र। इनमें समुदाय की सशाक्त भावना होती है। प्रत्येक पारा में एक सामुदायिक केन्द्र, क्रीड़ा स्थल आदि होते हैं। लोगों में यहां फुर्सत के समय अड्डा (यानि आराम से बातें करना) में बैठक करने, चर्चाएं आदि में सामयिक मुद्दों पर बात करने की आदत हैं। ये आदत एक मुक्त-शैली बुद्धिगत वार्तालाप को उत्साहित करती है।<ref name=Trachtenberg>{{cite news | author=Trachtenberg P
| url=http://travel2.nytimes.com/2005/05/15/travel/tmagazine/15T-INDIA.html?_r=4&ex=1146196800&en=a1463f6efd9ecdab&ei=5070&oref=slogin&oref=slogin&oref=slogin&oref=slogin
| title=The Chattering Masses | publisher=दि न्यू यॉर्क टाइम्स | date=2005-05-15 मई 2005 | accessdate=2006-04-26 अप्रैल 2006}}</ref>
 
कोलकाता में बहुत सी इमारतें [[गोथिक स्थापत्य|गोथिक]], [[बरोक स्थापत्य|बरोक]], [[रोमन स्थापत्य|रोमन]] और [[इंडो-इस्लामिक स्थापत्य]] शैली की हैं। ब्रिटिश काल की कई इमारतें अच्छी तरह से संरक्षित हैं व अब धरोहर घोषित हैं, जबकि बहुत सी इमारतें ध्वंस के कगार पर भी हैं। [[१८१४]] में बना [[भारतीय संग्रहालय]] [[एशिया]] का प्राचीनतम संग्रहालय है। यहां [[भारतीय इतिहास]], प्राकृतिक इतिहास और भारतीय कला का विशाल और अद्भुत संग्रह है।<ref name=indianmuseumkolkata>{{cite web
|publisher=The Indian Museum of Kolkata | url=http://www.indianmuseumkolkata.org/history.html | title=History of Indian museum | accessdate=2006-04-23 अप्रैल 2006}}</ref> [[विक्टोरिया मेमोरियल]] कोलकाता का प्रमुख [[कोलकाता के दर्शनीय स्थल|दर्शनीय स्थल]] है। यहां के संग्रहालय में शहर का इतिहास अभिलेखित है। यहां का [[भारतीय राष्ट्रीय पुस्तकालय]] भारत का एक मुख्य और बड़ा पुस्तकालय है। [[फाइन आर्ट्स अकादमी, कोलकाता|फाइन आर्ट्स अकादमी]] और कई अन्य कला दीर्घाएं नियमित कला-प्रदर्शनियां आयोजित करती रहती हैं।
 
शहर में नाटकों आदि की परंपरा जात्रा, थियेटर और सामूहिक थियेटर के रूप में जीवित है। यहां [[हिन्दी चलचित्र]] भी उतना ही लोकप्रिय है, जितना कि [[बांग्ला चलचित्र, जिसे [[टॉलीवुड]] नाम दिया गया है। यहां का फिल्म उद्योग [[टॉलीगंज]] में स्थित है। यहां के लंबे फिल्म-निर्माण की देन है प्रसिद्ध [[फिल्म निर्देशक]] जैसे [[सत्यजीत राय]], [[मृणाल सेन]], [[तपन सिन्हा]] और [[ऋत्विक घटक]]। इनके समकालीन क्षेत्रीय निर्देशक हैं, [[अपर्णा सेन]] और [[रितुपर्णो घोष]]।
[[बंगाली खाना|कोलकाता के खानपान]] के मुख्य घटक हैं [[चावल]] और [[माछेर झोल]],<ref name=machhe>{{cite web
|url=http://govdocs.aquake.org/cgi/reprint/2003/1201/12010300.pdf
|title=Development of freshwater fish farming and poverty alleviation: A case study from Bangladesh|accessdate=2006-10-22 अक्टूबर 2006|author=Gertjan de Graaf, Abdul Latif
|publisher=Aqua KE Government|format=PDF}}</ref> और संग में [[रसगुल्ला|रॉसोगुल्ला]] और [[मिष्टि दोइ]] डेज़र्ट के रूप में। बंगाली लोगों के प्रमुख मछली आधारित व्यंजनों में [[हिल्सा मछली|हिल्सा व्यंजन]] पसंदीदा हैं। अल्पाहार में [[बेगुनी]] ([[बैंगन भाजा]]), [[काठी रोल]], [[फुचका]] और [[चाइना टाउन, कोलकाता|चाइना टाउन]] के [[चीनी व्यंजन]] शहर के पूर्वी भाग में अधिक लोकप्रिय हैं।<ref name=rolltelegraph>{{cite news
|first = S |last=Saha
|title=Resurrected, the kathi roll - Face-off resolved, Nizam's set to open with food court
|url=http://www.telegraphindia.com/1060118/asp/calcutta/story_5733258.asp
|publisher=[[द टेलीग्राफ|The Telegraph]] |date=18 जनवरी 2006 |accessdate=2006-10-26 अक्टूबर 2006
}}</ref><ref name=streetfood>{{cite web
|url=http://www.bangalinet.com/mobile_foodstalls.htm|title=Mobile food stalls|accessdate=2006-10-26 अक्टूबर 2006|publisher=Bangalinet.com}}</ref>
 
बंगाली महिलायें सामान्यतया [[साड़ी]] ही पहनती हैं। इनकी घरेलू तौर पर साड़ी पहनने की एक विशेष शैली होती है, जो खास बंगाली पहचान है। साड़ियों में यहां की बंगाली सूती और रेशमी विश्व-साड़ियां प्रसिद्ध हैं, जिन्हें [[तांत]] नाम दिया गया है। पुरुषों में प्रायः पश्चिमी पेन्ट-शर्ट ही चलते हैं, किंतु त्यौहारों, मेल-मिलाप आदि के अवसरों पर सूती और रेशमी तांत के कुर्ते धोती के साथ पहने जाते हैं। यहां पुरुषों में भी धोती का छोर हाथ में पकड़ कर चलने का चलन रहा है, जो एक खास बंगाली पहचान देता है। धोती अधिकांशातः श्वेत वर्ण की ही होती है।
[[दुर्गा पूजा]] कोलकाता का सबसे महत्त्वपूर्ण और चकाचौंध वाला उत्सव है।<ref name=durgapuja>{{cite web
|url=http://www.wbtourism.com/fairs_festivals/durga.htm
|title=Durga Puja|accessdate=2006-10-28 अक्टूबर 2006
|work=Festivals of Bengal
|publisher=West Bengal Tourism, Government of West Bengal
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