"मिलन (1967 फ़िल्म)": अवतरणों में अंतर

337 बाइट्स जोड़े गए ,  3 वर्ष पहले
ज्ञानसन्दूक सुधारा
(→‎संक्षेप: पूर्ण)
(ज्ञानसन्दूक सुधारा)
| director = अदुर्थी सुब्बा राव
| music = [[लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल]]
| writer = वीरेन्द्र सिन्हा (संवाद)
| writer =
| story = अथ्रिया मुल्लापुडी
| starring = [[सुनील दत्त]], <br />[[नूतन]], <br />[[जमुना (हिन्दी फ़िल्म कलाकार)|जमुना]], <br />[[प्राण (अभिनेता)|प्राण]] <br />
| screenplay = अदुर्थी सुब्बा राव
| cinematography = पी॰ एल॰ राय
| editing = टी॰ कृष्णा
| released = 17 मार्च, 1967
| country = [[भारत]]
 
== संक्षेप ==
इस फिल्म की शुरुआत राधा देवी ([[नूतन]]) और गोपीनाथ ([[सुनील दत्त]]) के शादी से शुरू होती है। वे दोनों नाव में बैठ कर घूमने जाते हैं, और बीच में अचानक भंवर बनने के कारण उन्हें किसी किनारे रुकना पड़ता है। उसके बाद अचानक गोपीनाथ को कुछ चीजें याद आने लगती हैं और वो चलता जाता है। राधा भी उसी के पीछे चलते जाती है। वहाँ उन दोनों की मुलाक़ात एक बूढ़े व्यक्ति से होती है, जो उन्हें बताता है कि बीबीजी और गोपी कई सालों पहले मर चुके हैं। गोपीनाथ फिर गौरी के बारे में पूछता है। उनके बात करते समय ही गौरी आ जाती है और उन दोनों को पहचान जाती है और कहती है कि उनका फिर से जन्म हुआ है, ताकि वे लोग इस जिंदगी एक साथ रह सकें। इसके बाद वो कहानी सुनाना शुरू कर देती है।
 
गोपी एक बहुत ही गरीब लड़का है, जो अपनी दादी के साथ गाँव में रहता है, वहीं राधा एक जमीनदार की बेटी है, जो शहर में अपनी पढ़ाई पूरी करते रहती है। वे दोनों काफी अच्छे दोस्त बन जाते हैं। वहीं गौरी को गोपी पसंद आ जाता है और रामबाबू ([[देवेन वर्मा]]) को राधा पसंद आ जाती है। एक दिन राधा को वो चिट्ठी लिखकर अपने प्यार का इजहार करता है, पर वो उस पर गुस्सा होती है। राधा की सौतेली माँ को ये चिट्ठी मिल जाती है और वो सोचने लगती है कि राधा को भी रामबाबू पसंद है। वो अपने भाई ([[प्राण (अभिनेता)|प्राण]]) को इस मामले को निपटने के लिए भेज देती है।
 
वो रामबाबू के घर जाता है और देखता है कि उसका परिवार बहुत ही अमीर है और वो राधा का रिश्ता तय कर देता है। वहीं राधा को एहसास होता है कि गोपी से प्यार करने लगी है, पर उसके बाद उसे पता चलता है कि उसकी शादी बिना बताए ही रामबाबू के साथ तय कर दिया गया है। वो अपने पिता से इस बारे में बात करती है, पर कोई हल नहीं निकलता है। वो गोपी के पास जाती है और वो उसे बताता है कि हमारे बीच अमीरी-गरीबी का बहुत बड़ा फर्क है, इस कारण उन दोनों के बीच कोई रिश्ता नहीं हो सकता है। इसके बाद राधा मजबूरी में रामबाबू से शादी कर लेती है और गाँव छोड़ कर चले जाती है।