"शराबी (1984 फ़िल्म)" के अवतरणों में अंतर

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'''शराबी''' 1984 में बनी हिन्दी भाषा की नाट्य फिल्म है। यह प्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित है। अमिताभ बच्चन के साथ मेहरा की ये लगातार छठी फिल्म थी। [[भारत भूषण]] और [[रंजीत]] के अलावा [[प्राण (अभिनेता)|प्राण]] और [[ओम प्रकाश]] के साथ [[अमिताभ बच्चन]] और [[जयाप्रदा]] ने मुख्य किरदार निभाया। संगीत [[बप्पी लहरी]] द्वारा रचित था। यह बॉक्स ऑफिस पर एक हिट बन गई।
 
== संक्षेप ==
अब्दुल को पता चलता है कि उसका बेटा लापता है। नटवर उससे मिल कर उसे बताता है कि उसके बेटे का अपहरण हो चुका है और यदि वो उनकी मांग नहीं मानेगा तो वे उसके बेटे को नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए उसे मीना को मारना पड़ेगा। अब्दुल उसे मीना की लाश दिखाता है और अपने बेटे को वापस ले जाता है। विक्की को मीना के मौत के बारे में पता चलता है तो वो नटवर से लड़ाई करता है, पर वो ये आरोप अब्दुल पर लगा देता है और कहता है कि उसने गोवर्धनदास के आदेश पर मीना की हत्या कर दी।
 
वहीं, अमरनाथ को अपनी गलती का एहसास हो जाता है और वो विक्की को ढूंढने लगता है। गोवर्धनदास उसके जायदाद को अपने नाम कराने और अमरनाथ को मारने की योजना बनाने लगता है। विक्की को इस बारे में पता चलता है तो वो गोवर्धन और उसके गुंडों से लड़ने चले जाता है। विक्की के हाथ में नटवर गोली चला देता है, पर बाद में नटवर और गोवर्धनदास को अनवर गिरफ्तार कर लेता है। विक्की ने जितने लोगों की भी मदद की होती है, वे सभी विक्की की मदद करते हैं। जख्मी हुए विक्की और अमरनाथ के पास मीना को लाते हुए अब्दुल बोलता है कि विक्की ने उसके बेटे की मदद की थी, तो वो कैसे उसके प्यार को मार सकता था।
 
अमरनाथ अपनी गलती को मानते हुए मीना का अपने परिवार में स्वागत करता है। अंत में विक्की एक गरीब बेघर लोगों के लिए मुंशी फूलचंद नगर नाम से घरों का निर्माण कराता है और इसी के साथ कहानी समाप्त हो जाती है।
* [[रंजीत]] — नटवर
* [[ए के हंगल]] — मीना के पिता
* [[मुकरी]] — नत्थूलाल
 
== संगीत ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{imdb title|0088099|शराबी}}
{{प्रकाश मेहरा}}
 
[[श्रेणी:1984 में बनी हिन्दी फ़िल्म]]