"कुदरत (1981 फ़िल्म)": अवतरणों में अंतर

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जब चन्द्रमुखी की मुलाक़ात मोहन से होती है तो उसे एहसास होता है कि उन दोनों को कोई अजीब सी कड़ी जोड़ रही है। वो और मोहन एक वृद्ध गायिका, सरस्वती देवी से मिलते हैं। वो उन्हें देख कर हैरान रह जाती है, पर कुछ नहीं बोलती है। जब जब मोहन से चन्द्रमुखी मिलती है, तब तब वो अजीब सी हरकतें करने लगती है और उसे माधव नाम का इंसान सपने में सताने लगता है, जो मोहन की तरह ही दिखते रहता है। सपने में वो देखती है कि वो इंसान एक पहाड़ से गिर कर मर गया। नरेश इस मामले में मोहन से मदद मांगता है, ताकि सच्चाई बाहर आ सके। बाद में उसे सब कुछ याद आ जाता है। उसे पता चल जाता है कि उसका नाम पिछले जन्म में पारो था और वो माधव से प्यार करती थी। ज़मीनदार का बेटा उसका बलात्कार करता है और गलती से उसकी हत्या भी कर देता है।
 
नरेश को एहसास हो जाता है कि अब उसे उन दोनों की जिंदगी से दूर चले जाना चाहिए। वहीं चन्द्रमुखी की मदद से मोहन को पता चल जाता है कि सरस्वती देवी असल में माधव की बहन, सत्तो है। सत्तो उन्हें बताती है कि असल हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि जनक है। मोहन अपनी सगाई करुणा के साथ तोड़ देता है और जनक को अदालत तक ले जाता है।
 
== मुख्य कलाकार ==