"सूर्यवंशम (1999 फ़िल्म)" के अवतरणों में अंतर

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| music =
| writer =
| starring = [[अमिताभ बच्चन]], <br />[[जयासुधा]], <br />[[अनुपम खेर]], <br />[[मुकेश ऋषि]], <br />[[शिवाजी साथमसाटम]], <br />आहूति प्रसाद, <br />[[बिन्दू]], <br />नीलिमा, <br />[[कादर ख़ान]], <br />[[ब्रह्मनन्दम]], <br />
| screenplay =
| released = [[1999]]
इसके बाद से ठाकुर भानुप्रताप उस बच्चे से मिलने लगता है। वे दोनों काफी अच्छे दोस्त बन जाते हैं। हीरा और राधा को अपने बच्चे से पता चलता है कि वो हीरा की तरह दिखने वाले किसी व्यक्ति का दोस्त बन चुका है। वे दोनों समझ जाते हैं कि वो और कोई नहीं, बल्कि ठाकुर भानुप्रताप है। हीरा अपने पिता के लिए अपने बेटे के हाथ से खीर भेजता है। वहीं मीरा की माँ को भी पता चल जाता है कि ठाकुर भानुप्रताप अपने पोते से छुप छुप कर मिलते हैं। घर में आने के बाद जब ठाकुर भानुप्रताप को पता चलता है कि उसकी पत्नी को भी ये सब पता है तो अंत में वो हीरा को माफ कर अपने बेटे के रूप में स्वीकार करने को तैयार हो जाता है। वो उसे फोन करता है, पर बोलने से पहले ही उसके मुंह से खून निकलता है। उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है।
 
अस्पताल के सामने भीड़ लग जाता है। केवड़ा ठाकुर आ कर कहता है कि हीरा अपने घर से निकाल दिये जाने का बदला लेने के लिए अपने पिता को खीर में जहर देकर मारने की कोशिश किया था। जब केवड़ा ठाकुर और उसके आदमी मिल कर हीरा को मारते रहते हैं, तभी ठाकुर भानुप्रताप वहाँ आ जाता है। वो बताता है कि जब वो खीर लेकर घर जा रहा था, तो बीच में गाड़ी रुकी हुई थी, तब वो वापस गाड़ी में गया तो उसे केवड़ा ठाकुर से आने वाली खुशबू वहाँ आई थी, लेकिन वो उसे अनदेखा कर चले गया था। हीरा और उसके पिता अब केवड़ा ठाकुर को मारने लगते हैं। अंत में केवड़ा ठाकुर मान लेता है कि उसी ने जहर मिलाया था और उससे माफी मांगता है।
 
फिल्म के अंत में दिखाया जाता है कि हीरा का बेटा "कोरे कोरे सपने मेरे" गाना गाते रहता है, और तभी ठाकुर भानुप्रताप आ जाता है, और आगे का गाना पूरा करता है। "वादा है वादा, चाहेंगे तुमको, जीवन से ज्यादा" गाने के साथ कहानी खत्म होती है।
* [[अनुपम खेर]]
* [[मुकेश ऋषि]]
* [[शिवाजी साथमसाटम]]
* आहूति प्रसाद
* [[बिन्दू]]
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