"सरस्वतीकंठाभरण": अवतरणों में अंतर

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'''सरस्वतीकंठाभरण''', (शाब्दिक अर्थ - 'सरस्वती के कण्ठ की माला') [[काव्य]]तत्व का विवेचन करनेवाला [[संस्कृत]]-साहित्य-शास्त्र का एक माननीय ग्रंथ है जिसकी रचना [[धार|धारेश्वर]] के महाराज [[भोजराज]] ने की।
 
== परिचय ==