"स्वप्न" के अवतरणों में अंतर

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चार्ल्स युंग के मतानुसार स्वप्न केवल पुराने अनुभवों की प्रतिक्रिया मात्र नहीं हैं वरन् वे मनुष्य के भावी जीवन से संबंध रखते हैं। डॉक्टर फ्रायड सामान्य प्राकृतिक जड़वादी कारणकार्य प्रणाली के अनुसार मनुष्य के मन की सभी प्रतिक्रियाओं को समझने की चेष्टा करते हैं। इनके प्रतिकूल डॉक्टर युंग मानसिक प्रतिक्रियाओं को मुख्यत: लक्ष्यपूर्ण सिद्ध करते हैं। जो वैज्ञानिक प्रणाली जड़ पदार्थों के व्यवहारों को समझने के लिए उपयुक्त होती है वही प्रणाली चेतन क्रियाओं को समझाने में नहीं लगाई जा सकती। चेतना के सभी कार्य लक्ष्यपूर्ण होते हैं। स्वप्न भी इसी प्रकार का एक लक्ष्यपूर्ण कार्य है जिसका उद्देश्य रोगी के भावी जीवन को नीरोग अथवा सफल बनाना है। युंग के कथनानुसार मनुष्य स्वप्न द्वारा ऐसी बातें जान सकता है जिनके अनुसार चलने से वह अपने आपको अनेक प्रकार की दुर्घटनाओं और दु:खों से बचा सकता है। इस तथ्य को उन्होंने अनेक दृष्टांतों के द्वारा समझाया है।
 
== बाहरी कड़ियाँ ==
 
* [http://www.udreamt.com/Dream-Psychology/dream-psychology.html Dream Psychology by Sigmund Freud]
* [http://www.jtkresearch.com/DreamLab/b_intro.asp?lang=e/ The Dream & Nightmare Laboratory in Montreal]
* [http://aras.org/ Archive for Research in Archetypal Symbolism website]
* [http://www.asdreams.org/ The International Association for the Study of Dreams]
* [http://www.why-we-dream.com More information on the expectation fulfillment theory of dreaming]
* [http://www.dmoz.org/Science/Social_Sciences/Psychology/Dreams/ Dreams] at the [[Open Directory Project]]
* [http://www.dreams-dictionary.org/ Dreams interpretation]
* [http://www.ruyatabirlerievi.com Rüya Tabirleri] Dreams {{tr}}
* [http://www.achhikhabar.com/2011/11/17/dreams-quotes-in-hindi/ स्वप्न पर महान व्यक्तियों के विचार]
स्वप्न का विज्ञान -
हम रात भर स्वप्न देखते हैं। दिवा स्वप्न भी अक्सर लोग देखते रहते हैं, दिवा स्वप्न कल्पना कहलाते हैं। नीद में देखा गया स्वप्न ही स्वप्न होता है। कभी कभी कुछ कम अवधि के स्वप्न याद रहते हैं।
 
चैतन्य से दीप्त अज्ञान वृत्ति से मुक्त होकर आनन्द को भोगता है। इसी कारण सोकर उठा हुआ मनुष्य कहता है मैं सुख पूर्वक सोया, बढ़े चैन से सोया, इन शब्दों से सुषुप्ति में आनन्द के अस्तित्व का पता चलता है। मुझे कुछ याद नहीं है, इससे अज्ञान के अस्तित्व का भी पता चलता है।
 
 
== बाहरी कड़ियाँ ==
 
* [http://www.udreamt.com/Dream-Psychology/dream-psychology.html Dream Psychology by Sigmund Freud]
* [http://www.jtkresearch.com/DreamLab/b_intro.asp?lang=e/ The Dream & Nightmare Laboratory in Montreal]
* [http://aras.org/ Archive for Research in Archetypal Symbolism website]
* [http://www.asdreams.org/ The International Association for the Study of Dreams]
* [http://www.why-we-dream.com More information on the expectation fulfillment theory of dreaming]
* [http://www.dmoz.org/Science/Social_Sciences/Psychology/Dreams/ Dreams] at the [[Open Directory Project]]
* [https://www.jivansutra.com/astrology/dream-meaning-in-hindi/ ड्रीम्स का अर्थ और रहस्य समझिये]
* [http://www.dreams-dictionary.org/ Dreams interpretation]
* [http://www.achhikhabar.com/2011/11/17/dreams-quotes-in-hindi/ स्वप्न पर महान व्यक्तियों के विचार]