"याज्ञवल्क्य स्मृति": अवतरणों में अंतर

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'''याज्ञवल्क्य स्मृति''' [[धर्मशास्त्र]] परम्परा का एक हिन्दू धर्मशास्त्र का ग्रंथ ([[स्मृति]]) है। याज्ञवल्क्य स्मृति को अपने तरह की सबसे अच्छी एवं व्यवस्थित रचना माना जाता है। इसकी विषय-निरूपण-पद्धति अत्यंत सुग्रथित है। इसपर विरचित [[मिताक्षरा]] टीका हिंदू धर्मशास्त्र के विषय में भारतीय न्यायालयों में प्रमाण मानी जाती रही है।
 
इसके श्लोक [[अनुष्टुप छंद]] में हैं - इसी छंद में गीता, [[वाल्मीकि रामायण]] और [[मनुस्मृति]] लिखी गई है। इसी विषय (यानि धर्मशास्त्र ) पर मनुस्मृति को आधुनिक भारत में अधिक मान्यता मिली है। इसमें आचरण, व्यवहार और प्रायश्चित के तीन अलग अलग भाग हैं।
याज्ञवल्क्य स्मृति में ही सर्वप्रथम महिलाओं के सम्पत्ति के अधिकार का प्रयोग किया गया
 
== परिचय ==
गुमनाम सदस्य