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ओम पर्वत के भौगोलिक स्थान के बारे में
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'''ओम पर्वत''', 6191 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में से एक है। यह पर्वत नाबीडागं से देखा जा सकता है। (ओम पर्वत पर चढ़ना आज तक संभव नहीं हो पाया है।) नाबीडांग से कुट्टी गांव होते हुए आप लिटिल कैलाश, आदि कैलाश,बाबा कैलाश जोकि जोंगलिंगकोंग के नाम से प्रचलित स्थान पर स्थित है हम जा सकते हैं। दूसरी तरफ लिपुलेख दर्रा होते हुए हम तिब्बत में स्थिति कैलाश मानसरोवर भी जा सकते हैं। एक प्रकार से यह स्थान कैलाश और आदि कैलाश के बीच में स्थित है।
'''ओम पर्वत''', 6191 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय पर्वत श्रृंखला के
पहाड़ों में से एक है। इस पहाड़ को लिटिल कैलाश, आदि कैलाश,
बाबा कैलाश और जोंगलिंगकोंग के नाम से भी जाना जाता है।
ये स्थान भारतीय - [[तिब्बत]] सीमा के पास में स्थित है जो एक शानदार
दृश्य प्रदान करता है। यहाँ आने वाले यात्री इस स्थान से
[[अन्नपूर्णा]] की विशाल चोटियों को भी देख सकते हैं।यह स्थान धारचूला के निकट है।<ref name="aaj_2003">''American Alpine Journal'', 2003, pp. 365-366. Available at [http://www.americanalpineclub.org/AAJO/pdfs/2003/365_377_india_aaj2003.pdf AAJ Online] (PDF) {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20070927212623/http://www.americanalpineclub.org/AAJO/pdfs/2003/365_377_india_aaj2003.pdf |date=27 September 2007 }}</ref>
 
==महात्म्य==
इस पहाड़ पर बर्फ के बीच 'ओम' या 'ऊँ' शब्द का आकार दिखता। इसी कारण इस स्थान का नाम ओम पर्वत पड़ा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हिमालय पर कुल 8 प्राकृतिक ओम की आकृतियां बनी हुई हैं। इनमें से अबतक केवल ओम पर्वत की ही आकृति के बारे में पता चल सका है।<ref>{{cite web|url=https://www.bhaskar.com/news/TRA-om-parvat-mysterious-sign-news-hindi-5490220-PHO.html|title=इस पर्वत पर माना जाता है शिव का वास
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