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== परिणति ==
[[ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान]] ने तब [[पाकिस्तान]] और [[अफगानिस्तान]] के सीमान्त जिलों को मिलाकर एक स्वतन्त्र पख्तून देश (पख्तूनिस्तान) की अवधारणा की वकालत की। [[पाकिस्तान]] सरकार ने इस आन्दोलन और लाल कुर्ती (पोशाक), दोनों का दमन कर दिया।<ref>भारत ज्ञानकोश, भाग-5, [[प्रकाशक]]: पॉपुलर प्रकाशन, [[मुंबई]], पृष्ठ संख्या: 157, आई एस बी एन 81-7154-993-4</ref>
 
==विरासत==
हाल के वर्षों में भारत में खुदाई खिदमतगार को फिर से जीवित करने का प्रयास किया गया है. खान अब्दुल गफ्फार खान के एक अनुयायी फैसल खान ने संगठन की इकाइयां देश के कई राज्यों में स्थापित कर, युवाओं को धार्मिक सौहाद्र से रहने, जनसेवा करने एवं सीमान्त गांधी के विचारों के ओर ले जाने के लिए कोशिश की है।
 
== इन्हें भी देखें ==
* [[पश्तूनवाली]]
== बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.raipurcity.in/raipur-city/history/freedom-movements.html अंग्रेजों के विरुद्ध स्वतन्त्रता आन्दोलन]
*[http://www.newsbits.in/movement-to-bring-hindus-muslims-closer-badshah-khans-khudai-khidmatgars-march-ahead बादशाह खान के संगठन का भारत में फिर से उदय ]
*[http://khabar.ibnlive.in.com/blogs/23/201.html आई बी एन लाइव खबर: कितने पाकिस्तान ?]
*[https://indianexpress.com/article/india/india-others/khudai-khidmatgars-frontier-gandhis-non-violent-army-gets-a-new-life/ खुदाई खिदमतगार इक्कीसवीं सदी में ]
{{भारतीय स्वतंत्रता संग्राम}}
[[श्रेणी:पश्तून लोग]]
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