"धर्मपाल" के अवतरणों में अंतर

1,028 बैट्स् जोड़े गए ,  2 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश रहित
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन यथादृश्य संपादिका
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
गोपाल के बाद उसका पुत्र धर्मपाल ७७० ई. में सिंहासन पर बैठा। धर्मपाल ने ४० वर्षों तक शासन किया। धर्मपाल ने कन्‍नौज के लिए त्रिदलीय संघर्ष में उलझा रहा। उसने कन्‍नौज की गद्दी से इंद्रायूध को हराकर चक्रायुध को आसीन किया। चक्रायुध को गद्दी पर बैठाने के बाद उसने एक भव्य दरबार का आयोजन किया तथा उत्तरापथ स्वामिन की उपाधि धारण की। धर्मपाल बौद्ध धर्मावलम्बी था। उसने काफी मठ व बौद्ध विहार बनवाये।
'''धर्मपाल''' (शासन अवधि: 770-810) [[पाल राजवंश]] के राजा थे।
[[चित्र:Indian Kanauj triangle map.svg|thumb|धर्मपाल का राज्य]]
{{पाल राजवंश के शासक}}
 
उसने भागलपुर जिले में स्थित विक्रमशिला विश्‍वविद्यालय का निर्माण करवाया था। उसके देखभाल के लिए सौ गाँव दान में दिये थे। उल्लेखनीय है कि प्रतिहार राजा नागभट्ट द्वितीय एवं राष्ट्रकूट राजा ध्रुव ने धर्मपाल को पराजित किया था।
धर्मपाल एक महान राजा था।
{{इतिहास-आधार}}
 
[[श्रेणी:प्राचीन भारत का इतिहास]]
[[श्रेणी:भारत के शासक]]
[[श्रेणी:बौद्ध सम्राट]]
बेनामी उपयोगकर्ता