"विनोबा भावे": अवतरणों में अंतर

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मां की गीता में आस्था थी। वे विनोबा को गीता का मराठी में अनुवाद करने का दायित्व सौंपकर गई थीं। विनोबा उस कार्य में मनोयोग से लगे थे। आखिर अनुवाद कर्म पूरा हुआ। पुस्तक का नाम रखा गया- गीताई. गीता़+आई = गीताई. महाराष्ट्र में ‘आई’ का अभिप्राय ‘मां के प्रति’ से है; यानी मां की स्मृति उसके नेह से जुड़ी-रची गीता. पुत्र की कृति को देखने के लिए तो रुक्मिणी बाई जीवित नहीं थीं। मगर उनकी याद और अभिलाषा से जुड़ी गीताई, महाराष्ट्र के घर-घर में माताओं और बहनों के कंठ-स्वर में ढलने लगी। उनकी अध्यात्म चेतना का आभूषण बन गई। गांधी जी ने सुना तो अनुवाद कर्म की भूरि-भूरि प्रशंसा की। जो महिलाएं संस्कृत नहीं जानती थीं, जिन्हें अपनी भाषा का भी आधा-अधूरा ज्ञान था, उनके लिए सहज-सरल भाषा में रची गई ‘गीताई’, गीता की आध्यात्मिकता में डूबने के लिए वरदान बन गई।
 
== संन्याससन्यास की साध ==
विनोबा को बचपन में मां से मिले संस्कार युवावस्था में और भी गाढ़े होते चले गए। युवावस्था की ओर बढ़ते हुए विनोबा न तो संत ज्ञानेश्वर को भुला पाए थे, न तुकाराम को। वही उनके आदर्श थे। संत तुकाराम के अभंग तो वे बड़े ही मनोयोग से गाते. उनका अपने आराध्य से लड़ना-झगड़ना, नाराज होकर गाली देना, रूठना-मनाना उन्हें बहुत अच्छा लगता. संत रामदास का जीवन भी उन्हें प्रेरणा देता. वे न शंकराचार्य को विस्मृत कर पाए थे, न उनके संन्यास को। दर्शन उनका प्रिय विषय था। हिमालय जब से होश संभाला था, तभी से उनकी सपनों में आता था और वे कल्पना में स्वयं को सत्य की खोज में गहन कंदराओं में तप-साधना करते हुए पाते. वहां की निर्जन, वर्फ से ढकी दीर्घ-गहन कंदराओं में उन्हें परमसत्य की खोज में लीन हो जाने के लिए उकसातीं.
 
अपने भाषणों में विनोबा लोगों को बताते थे कि नकारात्मक कार्यक्रमों के जरिए न तो शान्ति स्थापित हो सकती है और न युद्ध समाप्त हो सकता है। युद्ध रुग्ण मानसिकता का नतीजा है और इसके लिए रचनात्मक कार्यक्रमों की जरूरत होती है।केवल यूरोप के लोगों को नहीं समस्त मानव जाति को इसका दायित्व उठाना चाहिए।<ref name="Book ISBN : 81-230-0498-2">Book ISBN : 81-230-0498-2</ref>
 
== भूदान आंदोलनआन्दोलन ==
{{मुख्य|भूदान आन्दोलन}}
 
 
== सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यकर्ता==
 
विनोबाजी सदेव सामाजिक और रचनात्मक कार्यकर्ता रहे। स्वतन्त्रता के पूर्व गान्धिजी के रचानात्म्क कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देते रहे। कार्यधिक्य से उनका स्वास्थ्य गिरने लगा, उन्हें किसी पहाडी स्थान पर जाने की डाक्टर ने सलाह दी। अत: १९३७ ई० में विनोबा भावे पवनार आश्रम में गये। तब से लेकर जीवन पर्यन्त उनके रचनात्मक कार्यों को प्रारंभ करने का यही केन्द्रीय स्थान रहा।
 
== महान स्वतंत्रता सेनानी ==
रचानात्म्क कार्यों के अतिरित्क वे महान स्वतंत्रता सेनानी भी थे। नागपुर झंडा सत्याग्रह में वे बंदी बनाये गये। १९३७ में गान्धिजी जब लंदन की गोलमेज कांफ्रेंस से खाली हाथ लोटे तो जलगांव में विनोबा भावे ने एक सभा में अंग्रेजों की आलोचना की तो उन्हें बंदी बनाकर छह माह की सजा दी गयी। कारागार से मुक्त होने के बाद गान्धिजी ने उन्हें पहेला सत्याग्रही बनाया। १७ अक्टूबर १९४० को विनोबा भावेजी ने सत्याग्रह किया और वे बंदी बनाये गये तथा उन्हें ३ वर्ष के लिए सश्रम कारावास का दंड मिला। गान्धिजीगांधीजी ने १९४२ को भारत छोडा आंदोलन करने से पूर्व विनोबाजी से परामर्श लिया था।
 
== कृतियाँ ==
रचानात्म्क कार्यों के अतिरित्क वे महान स्वतंत्रता सेनानी भी थे। नागपुर झंडा सत्याग्रह में वे बंदी बनाये गये। १९३७ में गान्धिजी जब लंदन की गोलमेज कांफ्रेंस से खाली हाथ लोटे तो जलगांव में विनोबा भावे ने एक सभा में अंग्रेजों की आलोचना की तो उन्हें बंदी बनाकर छह माह की सजा दी गयी। कारागार से मुक्त होने के बाद गान्धिजी ने उन्हें पहेला सत्याग्रही बनाया। १७ अक्टूबर १९४० को विनोबा भावेजी ने सत्याग्रह किया और वे बंदी बनाये गये तथा उन्हें ३ वर्ष के लिए सश्रम कारावास का दंड मिला। गान्धिजी ने १९४२ को भारत छोडा आंदोलन करने से पूर्व विनोबाजी से परामर्श लिया था।
* अष्टादशी (सार्थ)
* ईशावास्यवृत्ति
* उपनिषदांचा अभ्यास
* [[गीताई]]
* गीताई-चिंतनिका
* गीता प्रवचने
* गुरुबोध सार (सार्थ)
* जीवनदृष्टी
* भागवत धर्म-सार
* मधुकर
* मनुशासनम्‌ (निवडक [[मनुस्मृती]] - मराठी)
* लोकनीती
* विचार पोथी
* साम्यसूत्र वृत्ति
* साम्यसूत्रे
* स्थितप्रज्ञ-दर्शन
 
==चरित्रग्रन्थ==
* आमचे विनोबा ([[राम शेवाळकर]] आणि इतर)
* गांधी, विनोबा आणि जयप्रकाश ([[मिलिंद बोकील]])
* दर्शन विनोबांचे ([[राम शेवाळकर]])
* महर्षी विनोवा ([[राम शेवाळकर]])
* महाराष्‍ट्राचे शिल्‍पकार विनोबा भावे (लेखक : किसन चोपडे.) (महाराष्ट्र सरकारचे प्रकाशन)
* विनोबांचे धर्मसंकीर्तन (([[राम शेवाळकर]] आणि इतर))
* विनोबासारस्वत (([[राम शेवाळकर]] आणि इतर)
* साम्ययोगी विनोबा ([[राम शेवाळकर]])
 
== सन्दर्भ ==
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== इन्हें भी देखें ==
* [[पवनार]]
* [[जयप्रकाश नारायण]]
 
== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==