"कोल्हापुर" के अवतरणों में अंतर

32 बैट्स् जोड़े गए ,  10 माह पहले
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
यह मनमोहक मंदिर कोल्‍हापुर तथा आसपास के हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है। यह मंदिर देवी महालक्ष्‍मी को समर्पित है जिन्‍हें अंबा बाई के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर परिसर में काशी विश्‍वेश्‍वर, कार्तिकस्‍वामी, सिद्धिविनायक, महासरस्‍वती, महाकाली, श्री दत्‍ता और श्री राम भी विराजमान हैं। महालक्ष्‍मी मंदिर का निर्माण कार्य चालुक्‍य शाससक करनदेव ने 7वीं शताब्‍दी में करवाया था। बाद में 9वीं शताब्‍दी में शिलहार यादव ने इसे विस्‍तार प्रदान किया। मंदिर के मुख्‍य गर्भगृह में देवी महालक्ष्‍मी की 40 किलो की प्रतिमा स्‍थापित है।
 
=== नया महल और छत्रपति साहूशाहू संग्रहालय ===
1884 में बने इस महल का महाराजामहाराज का नया महल भी कहा जाता है। इसका डिजाइन मेजनमेजर मंट ने बनाया था। महल के वास्‍तुशिल्‍प पर गुजरात और राजस्‍थान के जैन व हिंदू कला तथा स्‍थानीय रजवाड़ाराजवाड़ा शैली का प्रभाव है। महल के प्रथम तल पर वर्तमान राजा रहते हैं जबकि भूतल पर वस्‍त्रों, हथियारों, खेलों, आभूषणों आदि का संग्रह प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश वायसराय और गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से लिखे गए पत्र भी यहां देखे जा सकते हैं। महल के अंदर ही शाहजीशाहु छत्रपति संग्रहालय भी है। यहां पर कोल्हापुर के महाराज शाहजीशहाजी छत्रपति की बहुत सी वस्‍तुएं प्रदर्शित की गई हैं जैसे बंदूक, ट्रॉफियां और कपड़े आदि।
 
=== पन्हाला किला ===
बेनामी उपयोगकर्ता