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इस कुल के पौधे शाक, क्षुप, या वृक्ष होते हैं। जड़ों में ग्रंथिकाएँ होती हैं, जिनमें हवा के नाइट्रोजन का स्थायीकरण करनेवाले जीवाणु रहते हैं। तने नरम, या कठोर, सीधे या लता की भाँति होते हैं। पत्तियाँ एकांतर (alternate), साधारण, संयुक्त, या अनुपर्णी होती हैं। पुष्प पुष्पक्रम में लगते हैं और वे असीमाक्षी अथवा एकाकी, उभयलिंगी, पूर्ण, एकव्याससममित तथा परिजायांगी होते हैं। बाह्यदल में जुड़े पाँच दल होते हैं। विषम बाह्यदल बाहर की ओर रहता है। दलपुंज (corolla) में पाँच स्वतंत्र दल रहते हैं, जिसमें विषमदल सबसे बड़ा होता है, जिसे ध्वज (vexillum) कहते हैं। दो दल पार्श्व एली (alae), या पक्ष (wings) होते हैं, और दो दल नीचे जुड़े रहते हैं। ये नाव के आकार के होते हैं जिसे कूटक (Carina) कहते हैं। इसी नाव के आकार वाले कूटक में जनन अंग विद्यमान रहते हैं। पुंकेसर दस होते हैं, जिनमें नौ जुड़े रहते हैं तथा एक अलग रहता है। एककोष्ठकी (unilocular) अंडाशय में कई बीजांड रहते हैं। इसमें कीड़ों द्वारा निषेचन होता है। कीड़े चमकीले एवं रंगीन दलों की ओर आकर्षित होते हैं। इस कुल के प्रमुख पौधे हैं : मीठा मटर (sweet pea, or Lathyrus odoratus), धुँधली (Abrus precatorius) जवास, या ऐल्हेजाइ केमीलोरम (Alhagi camelorum), मूँगफली, थोड़ा, अरहर, चना, सनई, सेम, शीशम, मटर आदि।
 
===सेजैलपिनाइडी सिसैलपिनाइडी उपकुल===
इस उपकुल के पौधे प्राय: विशाल वृक्ष होते हैं, पर कभी कभी शाक तथा क्षुप भी होते हैं। जड़ विशाल तथा मूलिकाओं एवं उपमूलिकाओं से युक्त होती है। तना सीधा, कड़ा, या आरोही होता है। पत्तियाँ संयुक्त पिच्छाकार (pinnate), या द्विपिच्छाकार, तथा कभी कभी साधारण अनुपर्णी होती हैं। अनुपर्ण सूक्ष्म होता है। पुष्पक्रम असीमाक्ष होता है। पुष्प एकव्याससममित, अनियमित, उभयलिंगी तथा परिजायांगी होता है। बाह्यदलपुंज पाँच दलों का होता है, जो कभी कभी रंगीन होते हैं। ये दल स्वतंत्र, या जुड़े हुए भी रहते हैं। दलपुंज पाँच दल का तथा रंगीन होता है। पुंकेसर दस, स्वतंत्र या जुड़े हुए तथा भिन्न भिन्न लंबाई के होते हैं। कभी कभी बंध्यपुंकेसर (staminode) होते हैं। जायांग एक अंडप का होता है। अंडाशय एककोष्ठकी तथा ऊर्ध्व अंडाशय (superior ovary) होता है। वर्तिकाग्र (stigma) साधारण तथा बीजांडन्यास (placentation) सीमांत (marginal) होता है। फल फलीदार होता है। इस उपकुल के मुख्य पौधे हैं : अमलतास (Cassisa fistula), कचनार (Bauhenia variegata), कैसिया टोरा (Cassia tora), गोल्ड मोहर (Poinciana regia), अशोक (Saraca indica), इमली (Tamarindus indicus) आदि।
 
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