"मैथिलीशरण गुप्त" के अवतरणों में अंतर

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:'' कर विचार लोकोपकार का, हमें न इससे होगा शोक;
:'' पर अपना हित आप नहीं क्या, कर सकता है यह नरलोक!
 
== टीका-टिप्पणी ==
<div style=font-size:90%;>
&nbsp;&nbsp;&nbsp;'''क.'''&nbsp;&nbsp;&nbsp; {{Note_label|त्रिपथगा|क|none}}महाभारत कथानक के आधार पर लिखे तीन खंडकाव्य ''वन-वैभव'', ''वकसंहार'' और ''सैरन्ध्री'' '''''त्रिपथगा''''' नामक ग्रन्थ में संग्रहीत हैं।
<div style=font-size:90%;> &nbsp;&nbsp;&nbsp;'''ख.'''&nbsp;&nbsp;&nbsp; {{Note_label|दिवोदास|ख|none}} '''''दिवोदास''''' ''पृथ्वीपुत्र'' का एक अंश है।
<div style=font-size:90%;>
&nbsp;&nbsp;&nbsp;'''ग.'''&nbsp;&nbsp;&nbsp; {{Note_label|लीला|ग|none}}
 
=== इन्हें भी देखें ===
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