"ईश्वर" के अवतरणों में अंतर

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इस्लाम का मूल मंत्र "लॉ इलाह इल्ल , अल्लाह , मुहम्मद उर रसूल अल्लाह" है,अर्थात अल्लाह के सिवा कोई माबूद नही है और मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उनके आखरी रसूल (पैगम्बर)हैं।
 
इस्लाम वाहिद एक ऐसा धर्म(मज़हब) है जो सत्यता पर आधारित है।इस्लाम धर्म मे बाकी धर्मो से ज़्यादा पाकीज़गी बताई गई है।पवित्र कुरआन के अनुसार एक ईश्वर है और उस एक ईश्वर का नाम सिर्फ अल्लाह है।
 
इसलिए अगर कोई पूछे कि ईश्वर एक है और वह कौन है तो क़ुरान के हिसाब से एक ही सटीक जवाब मिलता है कि ईश्वर सिर्फ और सिर्फ अल्लाह है जिसके 99 नाम हैं।
 
इस्लाम मे मुसलमानो को खड़े खुले में पेशाब(इस्तीनज़ा) करने की इजाज़त नही क्योंकि इससे इंसान नापाक होता है और नमाज़ पढ़ने के लायक नही रहता इसलिए इस्लाम मे बैठके पेशाब करने को कहा गया है और उसके बाद पानी से शर्मगाह को धोने की इजाज़त दी गयी है।
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