"भगवान": अवतरणों में अंतर

1 बाइट हटाया गया ,  3 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश नहीं है
छो (2405:204:E209:95BF:0:0:40D:E8A4 (Talk) के संपादनों को हटाकर अजीत कुमार तिवारी के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: वापस लिया
No edit summary
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
'''भगवान''' गुण वाचक शब्द है जिसका अर्थ गुणवान होता है। यह "भग" धातु से बना है ,भग के ६ अर्थ है:-
१-ऐश्वर्य
-सौम्यता
२-वीर्य
३-स्मृति
४-यश
५-विवेक
५-ज्ञान और
६-श्रद्धा
६-सौम्यता
जिसके पास ये ६ गुण है वह भगवान है। पाली भाषा में भगवान "भंज" धातु से बना है जिसका अर्थ हैं:- तोड़ना। जो राग,द्वेष ,और मोह के बंधनों को तोड़ चुका हो अथवा भाव में पुनः आने की आशा को भंग कर चुका हो भावनाओ से परे जहाँ सारे विचार शून्य हो जाये और वहीँ से उनकी यात्रा शुरु हो उसे भगवान कहा जाता है।
 
गुमनाम सदस्य