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== विवाद ==
[[चित्र:KashmirBrit region 2004IndianEmpireReligions3.jpg|अंगूठाकार|कश्मीरभारतीय साम्राज्य की 1901 की जनगणना में क्षेत्रजिले काद्वारा राजनितिकप्रचलित मानचित्रधर्म।]]
भारत की स्वतन्त्रता के समय हिन्दू राजा [[हरि सिंह]] यहाँ के शासक थे। [[शेख़ अब्दुल्ला]] के नेतृत्व में मुस्लिम कॉन्फ़्रेंस (बाद में नेशनल कॉन्फ्रेंस) उस समय कश्मीर की मुख्य राजनैतिक पार्टी थी। [[कश्मीरी पंडित]], शेख़ अब्दुल्ला और राज्य के ज़्यादातर मुसल्मान कश्मीर का भारत में ही विलय चाहते थे। पर पाकिस्तान को ये बर्दाश्त ही नहीं था कि कोई मुस्लिम-बहुमत प्रान्त भारत में रहे (इससे उसके दो-राष्ट्र सिद्धान्त को ठेस लगती थी)। सो 1947-48 में पाकिस्तान ने कबाइली और अपनी छद्म सेना से कश्मीर में आक्रमण करवाया और क़ाफ़ी हिस्सा हथिया लिया। उस समय प्रधानमन्त्री [[जवाहरलाल नेहरु]] ने [[मोहम्मद अली जिन्ना]] से विवाद जनमत-संग्रह से सुलझाने की पेशक़श की, जिसे जिन्ना ने उस समय ठुकरा दिया क्योंकि उनको अपनी सैनिक कार्रवाई पर पूरा भरोसा था। महाराजा ने शेख़ अब्दुल्ला की सहमति से भारत में कुछ शर्तों के तहत विलय कर दिया। जब भारतीय सेना ने राज्य का काफ़ी हिस्सा बचा लिया और ये विवाद संयुक्त राष्ट्र में ले जाया गया तो संयुक्तराष्ट्र महासभा ने दो क़रारदाद (संकल्प) पारित किये :
* पाकिस्तान तुरन्त अपनी सेना क़ाबिज़ हिस्से से खाली करे।
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