"आपेक्षिकता सिद्धांत": अवतरणों में अंतर

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सापेक्षिक टक्कर में रेखीय संवेग एवं ऊर्जा दोनों ही संरक्षित रहते हैं. यहाँ ध्यान देने वाली बात है की यहाँ ऊर्जा से तात्पर्य कुल ऊर्जा से है जिसका अभिप्राय है की टक्कर के पूर्व की कुल ऊर्जा टक्कर के बाद की कुल ऊर्जा के बराबर होगी.
 
'''<u>रेखीय संवेग का संरक्षण</u>'''
 
यदि दो वस्तुएं जिनका टक्कर पूर्व वेग u तथा U हो और विराम द्रव्यमान mo <math>m_0</math>तथा Mo <math>M_0</math>हो तो उस स्थिति में टक्कर के पूर्व का कुल रेखीय संवेग होगा
 
<math>p_1 = \gamma_1.m_0.u+\gamma_2.M_0.U</math> <nowiki>-----------------------------------</nowiki>1
 
जहाँ <math>\gamma_1</math> एवं <math>\gamma_2</math> क्रमशः <math>\sqrt\biggl(1-\frac{u^2}{c^2}\biggr)</math>तथा <math>\sqrt\biggl(1-\frac{V^2}{c^2}\biggr)</math> हैं
 
तथा c प्रकाश का निर्वात में वेग है
 
उसी प्रकार,यदि दोनों वस्तुओं का टक्कर के पश्चात् वेग v तथा V हो जाये उस स्थिति में टक्कर के पश्चात का कुल रेखीय संवेग होगा
 
<math>p_2 = \gamma_3.m_0.v+\gamma_4.M_0.V</math> <nowiki>------------------------------------</nowiki>2
 
जहाँ <math>\gamma_3</math> एवं <math>\gamma_4</math> क्रमशः <math>\sqrt\biggl(1-\frac{v^2}{c^2}\biggr)</math> तथा <math>\sqrt\biggl(1-\frac{V^2}{c^2}\biggr)</math> हैं.
 
तो रेखीय संवेग के संरक्षण के नियमानुसार p1 <math>p_1 =p2 p_2</math>
 
यानि
 
<math>\gamma_1.m_0.u+\gamma_2.M_0.U = \gamma_3.m_0.v+\gamma_4.M_0.V</math> --1-v^2------------------------3
 
'''<u>कुल ऊर्जा का संरक्षण</u>'''
 
टक्कर के पूर्व की कुल ऊर्जा
 
U<submath>U_1=\gamma_1m_0c^2 + \gamma_2M_0c^2 = \frac{m_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{u^2}{c^2}\biggr)} + \frac{M_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{U^2}{c^2}\biggr)}</submath> = = + ---------------------------4
 
जहाँ m तथा M वस्तुओं के सापेक्षिक द्रव्यमान हैं
टक्कर के पश्चात की कुल ऊर्जा
 
<math>U_2=\gamma_3m_0c^2 + \gamma_4M_0c^2 = \frac{m_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{v^2}{c^2}\biggr)} + \frac{M_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{V^2}{c^2}\biggr)}</math> ---------------------------5
U2 = + ---------------------------5
 
तो कुल ऊर्जा के संरक्षण के नियमानुसार U1 <math>U_1 =U2 U_2</math>
 
यानि
 
<math>\frac{m_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{u^2}{c^2}\biggr)} + \frac{M_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{U^2}{c^2}\biggr)} = \frac{m_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{v^2}{c^2}\biggr)} + \frac{M_0c^2}{\sqrt\biggl(1-\frac{V^2}{c^2}\biggr)}</math> ---------------------6
+ = + -----------6
 
अतः समीकरण ---5 तथा ----6 से दोनों अज्ञात राशियां v तथा V प्राप्त की जा सकती हैं. वस्तुओं का विराम द्रव्यमान तथा टक्कर के पूर्व का वेग पहले से ज्ञात है. ध्यान देने की बात है की सापेक्षिकता सिद्धांत से वस्तुओं की गति पूर्णतः निर्धारित हो जाती है जबकि न्यूटन की यांत्रिकी से चलें तो गति पूर्णतः निर्धारित नहीं हो सकती क्यूंकि टक्कर के बाद गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं भी रह सकती है
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