"थोरियम": अवतरणों में अंतर

38 बाइट्स जोड़े गए ,  3 वर्ष पहले
India has reserves of thorium in sufficient quantity as compared to other parts of world. The Atomic Minerals Directorate for Exploration and Research (AMD), a constituent unit of Department of Atomic Energy (DAE), has so far established 11.93 million tonnes of in situ resources Monazite (Thorium bearing mineral) in the country, which contains about 1.07 million tonnes of thorium. Monazite (Million tonnes) Odisha(2.41) ,Andhra Pradesh(3.72),Tamil Nadu(2.46),Kerala(1.90),West Bengal(1.22).
छो (बॉट: वर्तनी एकरूपता।)
(India has reserves of thorium in sufficient quantity as compared to other parts of world. The Atomic Minerals Directorate for Exploration and Research (AMD), a constituent unit of Department of Atomic Energy (DAE), has so far established 11.93 million tonnes of in situ resources Monazite (Thorium bearing mineral) in the country, which contains about 1.07 million tonnes of thorium. Monazite (Million tonnes) Odisha(2.41) ,Andhra Pradesh(3.72),Tamil Nadu(2.46),Kerala(1.90),West Bengal(1.22).)
'''थोरियम''' (Thorium) [[आवर्त सारणी]] के [[ऐक्टिनाइड श्रेणी]] (actinide series) का प्रथम [[तत्व]] है। पहले यह चतुर्थ अंतर्वर्ती समूह (fourth transition group) का अंतिम तत्व माना जाता था, परंतु अब यह ज्ञात है कि जिस प्रकार [[लैथेनम]] (La) तत्व के पश्चात् 14 तत्वों की लैथेनाइड शृंखला (lanthanide series) प्रांरभ होती है, उसी प्रकार ऐक्टिनियम (Ac) के पश्चात् 14 तत्वों की दूसरी शृंखला आरंभ होती है, जिसे एक्टिनाइड शृंखला कहते हैं। थोरियम के [[अयस्क]] में केवल एक [[समस्थानिक]](द्रव्यमान संख्या 232) पाया जाता है, जो इसका सबसे स्थिर समस्थानिक (अर्ध जीवन अवधि 1.4 x 10<sup>10</sup> वर्ष) है। परंतु [[यूरेनियम]], [[रेडियम]] तथा [[ऐक्टिनियम]] अयस्कों में इसके कुछ समस्थानिक सदैव वर्तमान रहते हैं, जिनकी द्रव्यमान संख्याएँ 227, 228, 230, 231 तथा 234 हैं। इनके अतिरिक्त 224, 225, 226, 229 एवं 233 द्रव्यमान वाले समस्थानिक कृत्रिम उपायों द्वारा निर्मित हुए हैं।
 
थोरियम धातु की खोज 1828 ई में [[बर्ज़ीलियस]] ने थोराइट अयस्क में की थी। यद्यपि इसके अनेक अयस्क ज्ञात हैं, परंतु [[मोनेज़ाइट]] (monazite) इसका सबसे महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जिसमें थोरियम तथा अन्य विरल मृदाओं के फॉस्फेट रहते हैं। संसार में मोनेज़ाइट का सबसे बड़ा भंडार [[भारत]] के [[आन्ध्र प्रदेश|केरल]] राज्य में हैं। बिहार प्रदेश में भी थोरियम अयस्क की उपस्थिति ज्ञात हुई है। इनके अतिरिक्त मोनेज़ाइट अमरीका, आस्ट्रलिया, ब्राज़िल और मलाया में भी प्राप्त है।
 
मौनेज़ाइट को सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की प्रक्रिया कर आंशिक क्षारीय विलयन मिलाने से थोरियम फॉस्फेट का अवक्षेप बनता है। इसको सल्फ्यूरिक या हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में घुला कर फिर फॉस्फेट अवक्षिप्त करते हैं। इस क्रिया को दोहराने पर थोरियम का शुद्ध फॉस्फेट मिलता है।
1

सम्पादन