"पद्मावत" के अवतरणों में अंतर

16 बैट्स् नीकाले गए ,  1 वर्ष पहले
छो
117.228.200.194 (Talk) के संपादनों को हटाकर S m kamrankamil के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
छो (117.228.200.194 (Talk) के संपादनों को हटाकर S m kamrankamil के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न
 
== परिचय ==
जायसी [[सूफी]] संत थे और इस रचना में उन्होंने नायक [[रतनसेन]] और नायिका [[पद्मिनी]] की [[प्रेमकथा]] को विस्तारपूर्वक कहते हुए प्रेम की साधना का संदेश दिया है। रतनसेन ऐतिहासिक व्यक्ति है, वह [[चित्तौड़]] का राजा है, [[पद्मावती]] उसकी वह रानी है जिसके सौंदर्य की प्रशंसा सुनकर तत्कालीन सुल्तान अलाउद्दीन उसे प्राप्त करने के लिये [[चित्तौड़]] पर आक्रमण करता है और यद्यपि युद्ध में विजय प्राप्त करताे है तथापि पद्मावती के जल मरने के कारण उसे नहीं प्राप्त कर पाता है। इसी अर्ध ऐतिहासिक कथा के पूर्व रतनसेन द्वारा पदमावती के प्राप्त किए जाने की व्यवस्था जोड़ी गई है, जिसका आधार अवधी क्षेत्र में अच्छा प्रचलित [[हीरामन|हीरामन सुग्गे]] की एक [[लोककथा]] है। कथा संक्षेप में इस प्रकार है :
 
:''' हीरामन की कथा'''