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== भूगोल ==
[[चित्र:Distant View of Dhosi Hill.JPG|अंगूठाकार|धोसी पहाड़ी।<br> अरावली पर्वतमाला का विस्तार राज्य के दक्षिणी हिस्से में है।]]
हरियाणा [[उत्तर भारत]] में स्थित एक [[स्थलरुद्ध]] राज्य है। इसका विस्तार २७°३९' उत्तर से ३०°३५५५' उत्तर तक के अक्षांशों तक, और ७४°२८' पूर्व से ७७°३६' पूर्व तक के देशान्तरों तक है। राज्य की सीमायें उत्तर में [[पंजाब]] और [[हिमाचल प्रदेश]], तथा दक्षिण एवं पश्चिम में [[राजस्थान]] से जुड़ी हुई हैं। [[उत्तराखण्ड]] और [[उत्तर प्रदेश]] राज्योंराज्य के साथ इसकी पूर्वी सीमा को [[यमुना नदी]] परिभाषित करती है। हरियाणा [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]] को भी तीन ओर से घेरता है। राज्य का क्षेत्रफल ४४,२१२ वर्ग किलोमीटर है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का १.४ प्रतिशत है, और इस प्रकार क्षेत्रफल के आधार पर यह भारत का [[क्षेत्रफल के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र|इक्कीसवाँ सबसे बड़ा राज्य]] है। समुद्र तल से हरियाणा की ऊंचाई ७०० से ३६०० फीट (२०० मीटर से १२०० मीटर) तक है।
 
=== भूतत्व ===
भौगोलिक तौर पर हरियाणा को चार भागों में बांटा जा सकता है: राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित यमुना-घग्गर के मैदान, सुदूर उत्तर में [[शिवालिक पहाड़ियाँ|शिवालिक पहाड़ियों]] की एक पट्टी, दक्षिण-पश्चिम में [[बांगर]] क्षेत्र तथा दक्षिणी हिस्से में [[अरावली पर्वतमाला]]ओं के अंतिमांश, जिनका क्षैतिज विस्तार [[राजस्थान]] से [[दिल्ली]] तक है।<ref>{{cite book |last1=Laveesh |first1=Bhandari |last2=Kale |first2=Sumita |title=Indian States At A Glance 2008-09: Performance, Facts And Figures - Haryana |date=2009 |publisher=Pearson Education India |location=Delhi |isbn=9788131723357 |url=https://books.google.co.in/books?id=2VxnvUggm9YC |accessdate=19 जुलाई 2018 |language=en}}</ref>{{rp|२१}} राज्य की मिट्टी आमतौर पर गहरी और उपजाऊ है। हालांकि, पूर्वोत्तर के पहाड़ी और दक्षिण-पश्चिम के रेतीले इलाके इसके अपवाद हैं। राज्य की अधिकांश भूमि कृषि योग्य है, लेकिन यहाँ अत्यधिक सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है।
 
[[यमुना नदी|यमुना]] राज्य की एकमात्र चिरस्थायी नदी है, जो इसकी पूर्वी सीमा पर बहती है। उत्तरी हरियाणा में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर बहने वाली कई बरसाती नदियां हैं, जो हिमालय की [[शिवालिक पहाड़ियाँ|शिवालिक पहाड़ियों]] से निकलती हैं। इनमें [[घग्गर-हकरा नदी|घग्गर-हकरा]], [[चौटांग नदी|चौटांग]], [[तांगड़ीटागंरी नदी|तांगड़ीटागंरी]], [[कौशल्या नदी|कौशल्या]], [[मारकंडा नदी|मारकंडा]], [[सरसुति सरस्वती नदी|सरसुतिसरस्वती]] और [[सोम नदी|सोम]] इत्यादि प्रमुख हैं। इसी तरह दक्षिणी हरियाणा में भी [[अरावली पर्वत|अरावली पहाड़ियों]] से निकलने वाली कई नदियां दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की ओर बहती हैं। इन नदियों में [[साहिबी नदी|साहिबी]], [[दोहान नदी|दोहान]], [[कृष्णावती नदी|कृष्णावती]] और [[इंदौरी नदी|इंदौरी]] शामिल हैं। माना जाता है कि ये सभी किसी समय द्रशद्वती / [[सरस्वती नदी]] की सहायक नदियां थीं। इन नदियों पर राज्य भर में कई बाँध बने हैं, जिनमें यमुना नदी पर बने [[हथिनीकुंड बैराज|हथिनीकुंड]] तथा [[ताजेवाला बैराज|ताजेवाला]] बैराज, [[पंचकुला जिला|पंचकुला ज़िले]] में स्थित [[कौशल्या बाँध]], [[यमुनानगर जिला|यमुनानगर ज़िले]] में स्थित [[पथराला बैराज]] तथा [[सिरसा जिला|सिरसा ज़िले]] में स्थित [[ओटू बैराज]] मुख्य हैं।
 
हरियाणा की प्रमुख झीलों में [[गुरुग्राम]] का बसई वेटलैंड, [[फरीदाबाद]] की [[बड़खल झील]] और प्राचीन [[सूरजकुण्ड]], [[कुरुक्षेत्र]] के [[सन्निहित सरोवर|सन्निहित]] और [[ब्रह्मसरोवर|ब्रह्म सरोवर]], [[हिसार]] की ब्लू बर्ड झील, सोहना की दमदामा झील, [[यमुनानगर जिला|यमुनानगर जिले]] का हथनी कुंड, [[करनाल]] की [[कर्ण झील]], और [[रोहतक]] की [[तिल्यार झील]] इत्यादि प्रमुख हैं। सिंचाई के लिए जल की व्यवस्था हेतु राज्य भर में नहरों का जाल बिछा है, जिनमें पश्चिमी यमुना नहर, [[इंदिरा गांधी नहर]] और प्रस्तावित [[सतलज यमुना लिंक नहर]] मुख्य हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले लगभग १४,००० जोहड़ों और ६० झीलों का प्रबंधन हरियाणा राज्य वाटरबॉडी प्रबंधन बोर्ड हरियाणा के जिम्मे है। राज्य का एकमात्र [[गरम चश्मा]] सोहना में स्थित है।
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