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'''रक्षाबन्धन''' एक [[हिन्दू]] व [[जैन त्योहार]] है जो प्रतिवर्ष [[श्रावण|श्रावण मास]] की [[पूर्णिमा]] के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं।<ref>{{cite web |url= http://www.nyu.edu/gsas/dept/mideast/hindi/fes_rakhi.html|title= राखी|access-date=[[13 अगस्त]] [[2007]]|format= एचटीएमएल|publisher=न्यूयॉर्कयूनिवर्सिटी.इडीयू|language=}}</ref> रक्षाबन्धन में [[राखी]] या [[रक्षासूत्र]] का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने,चाँदी या चाँदीहीरे जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है।रक्षाबंधन के दिन बहने भगवान से अपने भाईयों की तरक्की के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं परन्तु ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बाँधी जाती है। कभी-कभी सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बाँधी जाती है। रक्षाबंधन के दिन बाजार मे कई सारे उपहार बिकते है, उपहार और नए कपड़े खरीदने के लिए बाज़ार मे लोगों की सुबह से शाम तक भीड होती है। घर मे मेहमानों का आना जाना रहता है। रक्षाबंधन के दिन भाई अपने बहन को राखी के बदले कुछ उपहार देते है। रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई बहन के प्यार को और मजबूत बनाता है, इस त्योहार के दिन सभी परिवार एक हो जाते है और राखी, उपहार और मिठाई देकर अपना प्यार साझा करते है।
 
अब तो प्रकृति संरक्षण हेतु वृक्षों को राखी बाँधने की परम्परा भी प्रारम्भ हो गयी है।<ref>{{cite web |url= http://www.nriinternet.com/Events/RAKHI/index.htm|title= अ ग्लोबल एनवायर्नमेंटल राखी|access-date=[[24 जुलाई]] [[2007]]|format= एचटीएम|publisher=एनआरआईइंटरनेट.कॉम| language = en}}</ref> हिन्दुस्तान में [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] के पुरुष सदस्य परस्पर भाईचारे के लिये एक दूसरे को भगवा रंग की राखी बाँधते हैं।<ref>{{cite web |url= http://www.kamat.com/kalranga/festive/rakhi.htm|title= राखी फ़ेस्टिवल|access-date=[[24 जुलाई]] [[2007]]|format= एचटीएमएल|publisher=कामत.कॉम| language = en}}</ref> हिन्दू धर्म के सभी धार्मिक अनुष्ठानों में रक्षासूत्र बाँधते समय कर्मकाण्डी पण्डित या [[आचार्य]] संस्कृत में एक [[श्लोक]] का उच्चारण करते हैं, जिसमें रक्षाबन्धन का सम्बन्ध राजा [[बलि]] से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है। [[भविष्यपुराण]] के अनुसार [[इन्द्राणी]] द्वारा निर्मित रक्षासूत्र को देवगुरु [[बृहस्पति]] ने [[इन्द्र]] के हाथों बांधते हुए निम्नलिखित [[स्वस्ति]]वाचन किया (यह श्लोक रक्षाबन्धन का अभीष्ट मन्त्र है)-
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== सन्दर्भ ==
* [https://www.digitalnewindia.com/raksha-bandhan-shayari-in-hindi/ रक्षाबंधन शायरी | Raksha Bandhan Shayari in Hindi]
*[http://www.rakshabandhan2019.online/ रक्षाबंधन]
*[https://www.thetrendybharat.ooo/2019/07/rakshabandhan-in-jainism.html जैनों में रक्षाबंधन का महत्व]
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