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विशेषोक्ती अलंकार :-जहां कारण के उपस्थित होने पर भी कार्य नही होता,वहाँ विशेशोक्ती अलंकार होता है ।
उदा:- इन नैननी कौ कछु उपजि बड़ी बलाय
निर भरे नित प्रती रहें,तऊ न प्यास बुझाय ।।
 
== सन्दर्भ ==
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