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(लगभग 1:52 बजे IST, लैंडर लैंडिंग से लगभग 2.1 किमी की दूरी पर अपने इच्छित पथ से भटक गया और अंतरिक्ष यान के साथ जमीनी नियंत्रण ने संचार खो दिया।)
[[File:ISRO Chandrayaan 2 Working.ogg.480p.vp9.webm|thumb|चन्द्रयान-२ अभियान की चलचित्रीय व्याख्या]]
 
'''चंद्रयान-२''' या '''द्वितीय चन्द्रयान''', [[चन्द्रयान|चंद्रयान-1]] के बाद [[भारत]] का दूसरा [[चन्द्रमा|चन्द्र]] अन्वेषण अभियान है,<ref>{{cite web|url=https://timesofindiaaajtak.indiatimesintoday.comin/indiastory/chandrayaan-2-nearlyand-readychandrayaan-for1-julydifferences-launch/articleshow/69724508isro-moon-mission-full-details-question-answer-1-1117238.cmshtml|title=Chandrayaan-चंद्रयान 1 और 2 nearlyमें readyक्या forफर्क, Julyकैसे launchकरेगा काम? आपके हर सवाल का जवाब यहां है...}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/sci-tech/science/isro-gears-up-for-chandrayaan-2-mission/article27705909.ece|title=ISRO gears up for Chandrayaan-2 mission}}</ref> जिसे [[भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन|भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो)]] ने विकसित किया है।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/chandrayaan-2-launch-put-off-india-israel-in-lunar-race-for-4th-position/articleshow/65275012.cms|title=Chandrayaan-2 launch put off: India, Israel in lunar race for 4th position}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/why-chandrayaan-2-is-taking-48-days-to-reach-moon-when-apollo-11-took-just-4/articleshow/70596699.cms|title=Apollo-11 took 4 days to reach Moon, Chandrayaan-2 taking 48 days. Explained}}</ref> अभियान को [[भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान संस्करण 3|जीएसएलवी संस्करण 3]] प्रक्षेपण यान द्वारा प्रक्षेपित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.livemint.com/Politics/tBD0gjC3A5EF0msbcT14dK/GSLVMk-III-Indias-Bahubali-rocket-for-Gaganyaan-Chandr.html|title=GSLV-Mk III, India’s ‘Baahubali’ rocket for Gaganyaan, Chandrayaan II}}</ref><ref name="gslv2" /> इस अभियान में भारत में निर्मित एक [[चन्द्रमा|चंद्र]] कक्षयान, एक रोवर एवं एक लैंडर शामिल हैं। इन सब का विकास इसरो द्वारा किया गया है।<ref>{{cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/chandrayaan-2-delayed-israel-could-beat-india-in-race-to-moons-surface-1895221|title=India Slips In Lunar Race With Israel As Ambitious Mission Hits Delays}}</ref> भारत ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को श्रीहरिकोटा रेंज से भारतीय समयानुसार 02:43 अपराह्न को सफलता पूर्वक प्रक्षेपित किया।<ref name="hindu20160123">{{cite news |url=http://www.thehindu.com/news/cities/puducherry/chandrayaan2-launch-likely-by-2018/article8142591.ece |title=Chandrayaan-2 launch likely by 2018 |work=[[द हिन्दू]] |first=S. |last=Prasad |date=23 January 2016 |accessdate=29 January 2016}}</ref><ref>https://aajtak.intoday.in/gallery/chandrayaan-2-isro-created-artificial-moon-surface-bring-soil-form-salem-tamil-nadu-tedu-1-38871.html</ref>
 
चंद्रयान-2 लैंडर और रोवर चंद्रमा पर लगभग 70° दक्षिण के अक्षांश पर स्थित दो क्रेटरों [[w:en:Manzinus (crater)|मज़िनस सी]] और [[w:en:Simpelius (crater)|सिमपेलियस एन]] के बीच एक उच्च मैदान पर उतरने का प्रयास करेगा। पहिएदार रोवर चंद्र सतह पर चलेगा और जगह का रासायनिक विश्लेषण करेगा। पहिएदार रोवर [[चन्द्रमा]] की सतह पर चलेगा तथा वहीं पर विश्लेषण के लिए मिट्टी या चट्टान के नमूनों को एकत्र करेगा। आंकड़ों को चंद्रयान-2 कक्षयान के माध्यम से पृथ्वी पर भेजा जायेगा।<ref name="Hindu2">{{cite news |url=http://www.thehindu.com/todays-paper/article1777631.ece |title=ISRO plans Moon rover |work=The Hindu |first=T. S. |last=Subramanian |date=4 January 2007 |accessdate=22 October 2008}}</ref><ref>{{Cite web |url=http://164.100.158.235/question/annex/241/Au1084.pdf |title=Question No. 1084: Deployment of Rover on Lunar Surface |publisher=[[राज्य सभा]] |first1=T. |last1=Rathinavel |author1-link=|first2=Jitendra |last2=Singh |author2-link= |date=24 November 2016}}</ref>
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