"माचागोरा बांध (पेंच व्यपवर्तन परियोजना)" के अवतरणों में अंतर

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'''माचागोरा बांध,'''या पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना छिन्दवाड़ा जिले की जीवन रेखा कही जाने वाली पेंच नदी जो कन्हान नदी की सहायक नदी है, पर छिन्दवाड़ा जिले के चौरई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम माचागोरा के समीप निर्मित की गई हैं। यहाँ परियोजना छिंदवाड़ा ओर सिवनी जिले की अतिमहत्वकांक्षी परियोजना हैं। [[पेंच नदी]] में निर्मित इस बांध में 8 हइट्रोलिक गेट है बांध की कुल भराब क्षमता 625.75 FRL मीटर है। इस परियोजना के अंतर्गत 2544.57 करोड रूपये की लागत की परियोजना से अभी तक 1962.42 करोड़ रूपये की राशि व्यय कर पेंच नदी पर 6160 मीटर लंबाई और 42 मीटर उँचाई का मिट्टी बांध तथा 360 मीटर लंबाई में पक्के बांध इस प्रकार कुल 6.52 किलोमीटर लम्बे बांध का निर्माण प्रगति परहुआ हैै। परियोजना के पूर्ण होने पर छिन्दवाड़ा जिले के 164 ग्रामों एवं सिवनी जिले के 152 ग्रामों में 114882 हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई हो सकेगी, जिसमें से रबी का 85000 हेक्टेयर और खरीफ का 29882 हेक्टेयर कुल 1,14882 हेक्टेयर क्षेत्र के कृषक सिंचाई कर सकेंगे।
'''माचागोरा बांध,'''या पेंच व्यपवर्तन परियोजना छिंदवाड़ा जिले के
चौरई तहसील के ग्राम माचागोरा में स्थित है यहाँ परियोजना छिंदवाड़ा ओर सिवनी जिले की अतिमहत्वकांक्षी परियोजना हैं। [[पेंच नदी]] में निर्मित इस बांध में 8 हइट्रोलिक गेट है बांध की कुल भराब क्षमता 625.75 FRL मीटर है
 
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना छिन्दवाड़ा जिले की जीवन रेखा कही जाने वाली पेंच नदी जो कन्हान नदी की सहायक नदी है, पर छिन्दवाड़ा जिले के चौरई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम माचागोरा के समीप निर्मित की गई हैं। इस परियोजना के अंतर्गत 2544.57 करोड रूपये की लागत की परियोजना से अभी तक 1962.42 करोड़ रूपये की राशि व्यय कर पेंच नदी पर 6160 मीटर लंबाई और 42 मीटर उँचाई का मिट्टी बांध तथा 360 मीटर लंबाई में पक्के बांध इस प्रकार कुल 6.52 किलोमीटर लम्बे बांध का निर्माण प्रगति पर हैै। परियोजना के पूर्ण होने पर छिन्दवाड़ा जिले के 164 ग्रामों एवं सिवनी जिले के 152 ग्रामों में 114882 हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई हो सकेगी, जिसमें से रबी का 85000 हेक्टेयर और खरीफ का 29882 हेक्टेयर कुल 1,14882 हेक्टेयर क्षेत्र के कृषक सिंचाई कर सकेंगे।
 
परियोजना का कुल जलग्रहण क्षेत्र 1754.73 वर्ग कि.मी. है। परियोजना में 577.86 मिलियन घन मीटर जल संग्रहित किया जावेगा, जिसमें उपयोगी जल की मात्रा 421.26 मिलियन घनमीटर एवं अनुपयोगी जल की मात्रा 156.60 मिलियन घनमीटर है। परियोजना के अंतर्गत 360 मीटर लंबे पक्के बांध का निर्माण प्रगति पर है, जिसके अंतर्गत 140 मीटर ओवर फ्लो सेक्शन एवं इसके दोनो ओर 110-110 मीटर के नॉन ओवर फ्लो सेक्शन बनाये गये हैं। स्पिल-वे से बाढ़ निकासी के लिये 140 मीटर लंबे ओवर फ्लो सेक्शन में 14000×16265mm के 8 रेडियल गेट बनाये गये है, जिनसे 12411 क्यूमेक्स पानी की निकासी होगी। परियोजना के अंतर्गत 5970 मीटर लंबे एवं 42 मीटर ऊँचे बांध का निर्माण किया गया है।
 
जिले की पेंच व्यपवर्तन परियोजना एक बहुउद्देशीय योजना है जिसमें माचागोरा बांध के बनने से जिले में कृषि, सिंचाई, मत्स्य उत्पादन के साथ जहां पर्यटन को बढ़ावा मिला है, वही लोगों की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं। बांध के निर्मित होने से जलाशय के जल भराव का उपयोग जहां सिंचाई, औद्योगिक क्षेत्र, पेयजल, मत्स्य उत्पादन आदि के लिये किया जा सकेगा, वहीं निचले क्षेत्रों में वॉटर लेवल भी बढेगा। इसमें जहां रबी और खरीफ में 1,14,882 हेक्टर फसलों में वार्षिक सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
 
 
 
 
 
 
==बांध का इतिहास==
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