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ऐतिहास
गांव के पास एक रामसर नामक पोखर स्थित है, और लोगों का मानना है कि स्वंय बाबा ने इसका निर्माण किया था। वहाँ मंदिर के आसपास के क्षेत्र में एक सीढ़ीदार कुआं स्थित है।ऐसा माना जाता है कि इसके पानी में असाधारण चिकित्सा शक्तियां है।
यहाँ भादवा की दूज को विशाल मेला लगता है। और बाबा के दर्सन के लिए यहां भादवा की दूज तक 80.से 90 लाख भक्त आते है। यहाँ चढावे में आए हुए पैसो का बाबा की 17 वी पीढ़ी में हर महीने प्रसाद के रूप में 1900 तंवर में बाट दिए जाते है
ये परम्परा बाबा के समाधि लेने के बाद से चलती आरही है। हर साल प्रत्येक वक्ति को 410 लाख से 515 लाख तक प्रसाद के रूप में दिया जाता है।
मंदिर के पूरी व्यवस्था बाबा के वंसज ही संभाल ते है। सर्दियों में मंदिर शुभह 4.30 बजे खुलता है ।और गर्मी के समय मंदिर शुभह 4 बजे खुलता है और मंदिर बन्द होने का समय रात्रि 9 बजे होता है । यहां घूमने के लिए बाबा रामदेव मंदिर पर्चा बावड़ी राम सरोवर व पोकरण में बालीनाथ जी का मंदिर व रामदेव जी की बावड़ी ओर पेनोरमा जिस में बाबा रामदेव जी की जीवनी लिखी हुई है।
मंदिर के पूरी व्यवस्था बाबा के वंसज ही संभाल ते है।
 
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