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== काकोरी काण्ड से पूर्व का परिदृश्य ==
हिन्दुस्तान प्रजातन्त्र संघ की ओर से प्रकाशित इश्तहारविज्ञापन और उसके संविधान को लेकर [[बंगाल]] पहुँचे दल के दोनों नेता- शचीन्द्रनाथ सान्याल बाँकुरा में उस समय गिरफ्तार कर लिये गये जब वे यह इश्तहारविज्ञापन अपने किसी साथी को पोस्ट करने जा रहे थे। इसी प्रकार योगेशचन्द्र चटर्जी [[कानपुर]] से पार्टी की मीटिंग करके जैसे ही [[हावड़ा]] स्टेशन पर ट्रेन से उतरे कि एच०आर०ए० के संविधान की ढेर सारी प्रतियों के साथ पकड़ लिये गये और उन्हें [[हजारीबाग]] जेल में बन्द कर दिया गया।
=== सरकारी खजाना लूटने का निर्णय ===
दोनों प्रमुख नेताओं के गिरफ्तार हो जाने से [[राम प्रसाद 'बिस्मिल']] के कन्धों पर [[उत्तर प्रदेश]] के साथ-साथ बंगाल के क्रान्तिकारी सदस्यों का उत्तरदायित्व भी आ गया। बिस्मिल का स्वभाव था कि वे या तो किसी काम को हाथ में लेते न थे और यदि एक बार काम हाथ में ले लिया तो उसे पूरा किये बगैर छोड़ते न थे। पार्टी के कार्य हेतु धन की आवश्यकता पहले भी थी किन्तु अब तो वह आवश्यकता और भी अधिक बढ गयी थी। कहीं से भी धन प्राप्त होता न देख उन्होंने ७ मार्च १९२५ को [[बिचपुरी]] तथा २४ मई १९२५ को द्वारकापुर में दो राजनीतिक डकैतियाँ डालीं तो परन्तु उनमें कुछ विशेष धन उन्हें प्राप्त न हो सका।
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