"आर्यभट" के अवतरणों में अंतर

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आर्यभट ने ''आसन्न '' (निकट पहुंचना), पिछले शब्द के ठीक पहले आने वाला, शब्द की व्याख्या की व्याख्या करते हुए कहा है कि यह न केवल एक सन्निकटन है, वरन यह कि मूल्य अतुलनीय (या [[अन-अनुपातिक|इर्रेशनल]]) है। यदि यह सही है, तो यह एक अत्यन्त परिष्कृत दृष्टिकोण है, क्योंकि यूरोप में पाइ की तर्कहीनता का सिद्धांत [[जोहान हीनरिच लाम्बर्ट|लैम्बर्ट]] द्वारा केवल १७६१ में ही सिद्ध हो पाया था।<ref>
{{cite book
| title = S. Balachandra Rao
| author = Indian Mathematics and Astronomy: Some Landmarks,
| publisher = Jnana Deep Publications,
| year = 1994/1998
| address = Bangalore,
| isbn = 81-7371-205-0
| url-access = registration
}}</ref>
| url = https://archive.org/details/
}}</ref>
 
आर्यभटीय के [[अरबी भाषा|अरबी]] में अनुवाद के पश्चात् (पूर्व.८२० ई.) बीजगणित पर [[मुहम्मद इब्न मूसा अल-ख़्वारिज़्मी]] की पुस्तक में इस [[सन्निकटन]] का उल्लेख किया गया था।<ref name="Ansari" />
 
इसका अनुवाद यह है : किसी त्रिभुज का क्षेत्रफल, लम्ब के साथ भुजा के आधे के (गुणनफल के) परिणाम के बराबर होता है।<ref>{{Cite book
| author = Roger Cooke
| title = History of Mathematics: A Brief Course
| publisher = Wiley-Interscience
| year = 1997
| chapter = The Mathematics of the Hindus
| isbn = 0471180823
| quote = Aryabhata gave the correct rule for the area of a triangle and an incorrect rule for the volume of a pyramid. (He claimed that the volume was half the height times the area of the base).}}</ref>
| url-access = registration
| url = https://archive.org/details/historyofmathema0000cook
}}</ref>
 
आर्यभट ने अपने काम में ''द्विज्या (साइन)'' के विषय में चर्चा की है और उसको नाम दिया है ''अर्ध-ज्या'' इसका शाब्दिक अर्थ है "अर्ध-तंत्री"। आसानी की वजह से लोगों ने इसे ''ज्या'' कहना शुरू कर दिया। जब अरबी लेखकों द्वारा उनके काम का [[संस्कृत]] से अरबी में अनुवाद किया गया, तो उन्होंने इसको ''जिबा '' कहा (ध्वन्यात्मक समानता के कारणवश)। चूँकि, अरबी लेखन में, स्वरों का इस्तेमाल बहुत कम होता है, इसलिए इसका और संक्षिप्त नाम पड़ गया ''ज्ब''। जब बाद के लेखकों को ये समझ में आया कि ''ज्ब'' ''जिबा'' का ही संक्षिप्त रूप है, तो उन्होंने वापिस ''जिबा'' का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जिबा का अर्थ है "खोह" या "खाई" (अरबी भाषा में ''जिबा '' का एक तकनीकी शब्द के आलावा कोई अर्थ नहीं है)। बाद में बारहवीं सदी में, जब [[क्रीमोआ के घेरार्डो|क्रीमोना के घेरार्दो]] ने इन लेखनों का अरबी से [[लैटिन भाषा]] में अनुवाद किया, तब उन्होंने अरबी ''जिबा '' की जगह उसके लेटिन समकक्ष ''साइनस'' को डाल दिया, जिसका शाब्दिक अर्थ "खोह" या खाई" ही है। और उसके बाद अंग्रेजी में, ''साइनस'' ही ''साइन'' बन गया।<ref>{{Cite book
 
==== बीजगणित ====
आर्यभटीय में आर्यभट ने [[वर्ग|वर्गों]] और [[घन|घनों]] की [[श्रेणी (गणित)|श्रेणी]] के रोचक परिणाम प्रदान किये हैं।<ref>{{cite book |first=Carl B.| |last=Boyer |authorlink=Carl Benjamin Boyer |title=A History of Mathematics |edition=Second |publisher=John Wiley & Sons, Inc. |year=1991 |isbn=0471543977 |page =[https://archive.org/details/historyofmathema00boye/page/207 207] |chapter = The Mathematics of the Hindus |quote= He gave more elegant rules for the sum of the squares and cubes of an initial segment of the positive integers. The sixth part of the product of three quantities consisting of the number of terms, the number of terms plus one, and twice the number of terms plus one is the sum of the squares. The square of the sum of the series is the sum of the cubes. |url=https://archive.org/details/historyofmathema00boye/page/207 }}</ref>
 
:<math>1^2 + 2^2 + \cdots + n^2 = {n(n + 1)(2n + 1) \over 6}</math>
| year=1997
| isbn=0471180823
| url-access=registration
| url=https://archive.org/details/historyofmathema0000cook
}}
* वाल्टर यूजीन क्लार्क, ''द {{IAST|Āryabhaṭīya}}ऑफ {{IAST|Āryabhaṭa}}, गणित और खगोल विज्ञान पर एक प्राचीन भारतीय कार्य'', शिकागो विश्वविद्यालय प्रेस (१९३०); पुनः प्रकाशित: केस्सिंगेर प्रकाशन (२००६), आइएसबीएन ९७८-१४२५४८५९९३.