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== मुख्य आकर्षण ==
=== महालक्ष्‍मी मंदिर ===
यह मनमोहक मंदिर कोल्‍हापुर तथा आसपास के हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है। यह मंदिर देवी महालक्ष्‍मी को समर्पित है जिन्‍हें अंबा बाई के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर परिसर में काशी विश्‍वेश्‍वर, कार्तिकस्‍वामी, सिद्धिविनायक, महासरस्‍वती, महाकाली, श्री दत्‍ता और श्री राम भी विराजमान हैं। महालक्ष्‍मी मंदिर का निर्माण कार्य चालुक्‍य शाससकशासक करनदेव ने 7वीं शताब्‍दी में करवाया था। बाद में 9वीं शताब्‍दी में शिलहार यादव ने इसे विस्‍तार प्रदान किया। मंदिर के मुख्‍य गर्भगृह में देवी महालक्ष्‍मी की 40 किलो की प्रतिमा स्‍थापित है।
इतिहा
खाद्यसंस्कृती
कोल्हापुर यह स्थान 'तांबडा' और सफेद रस्सा के लिए और मिसलपाव इस खाद्यपदार्थों के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ ही कोल्हापुर की चप्पल भी खूप प्रसिद्ध है।जिसे कोल्हापुरी चपल ही कहा जाता है।अपनत्व की भावना भी यहाँ के लोगों में दिखाई देती है। यहाँ की मिसळपाव यह बहुत प्रसिद्ध खाद्यपदार्थ है। खाऊ गल्ली की राजाभाऊं इनकी भेल प्रसिद्ध है। इसके साथ ही बावडा मिसळ, फडतरे, चोरगे, हॉटेल साकोली एेसी अनेक मिसलपाव की जगहें प्रसिद्ध है।मिरजकर तिकटी,गंगावेस यहाँ दुध कट्टे पर उत्तम प्रकार का ताजा दूध मिलता है।
 
पौराणिक
हिंदू धर्मशास्त्र के अनुसार, प्राचीन काल में केशी राक्षस का लडका कोल्हासुर यह यहाँ राज्य कर रहा था। उसने राज्य में अनाचार और सभी के त्रस्त कर रखा था इसलिए देवाें की प्रार्थना पर महालक्ष्मीने उनसे युद्ध किया। यह युद्ध नौ दिवस चला और अश्विन शुद्ध पंचमी को महालक्ष्मीने कोल्हासूर इस राक्षस का वध किया। उस समय कोल्हासूर महालक्ष्मी को शरण गया और उसने देवी के पास अपने नगर का कोल्हापूर और करवीर यह नाम जैसे है वैसे ही चालू रखे ऐसा वर माँगा उसके अनुसार इस नगरी को कोल्हापुर या करवीर इस नाम पहचाना जाता है।
 
=== नया महल और छत्रपति शाहू संग्रहालय ===
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