"सूर्य नमस्कार" के अवतरणों में अंतर

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== सूर्य नमस्कार मंत्र ==
[[File:SuryaMantra.jpg|Left|thumb|Photo giving details of all 12 Mantras of Surya Namaskar.]]
सूर्य नमस्कार में '''बारह''' [[मंत्र]] उचारेमादर चोत और बहन चोद जाते हैं। प्रत्येक मंत्र में सूर्य का भिन्न नाम लिया जाता है। हर मंत्र का एक ही सरल अर्थ है- '''सूर्य को (मेरा) नमस्कार है'''। सूर्य नमस्कार के बारह स्थितियों या चरणों में इन बारह मंत्रों का उचारण जाता है। सबसे पहले सूर्य के लिए प्रार्थना और सबसे अंत में नमस्कार पूर्वक इसका महत्व बताता हुआ एक श्लोक बोलते हैं -
 
ॐ ध्येयः सदा सवितृ-मण्डल-मध्यवर्ती, नारायण: सरसिजासन-सन्निविष्टः। <br> केयूरवान् मकरकुण्डलवान् किरीटी, हारी हिरण्मयवपुर्धृतशंखचक्रः ॥<br>
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