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[[उत्तर प्रदेश]] [[हिन्दू धर्म]] का प्रमुख स्थल रहा। प्रयाग के कुम्भ का महत्त्व पुराणों में वर्णित है। त्रेतायुग में [[विष्णु]] अवतार श्री रामचंद्र जी ने अयोध्या में जन्म लिया। राम भगवान का चौदह वर्ष के वनवास में प्रयाग, [[चित्रकूट]], श्रंगवेरपुर आदि का महत्त्व है। भगवान कृष्ण का जन्म [[मथुरा]] में हुआ, जोकि उत्तर प्रदेश में स्थित है। काशी (वाराणसी) में विश्वनाथ मंदिर के शिवलिंग का सनातन धर्म विशेष महत्त्व रहा है। सनातन धर्म के प्रमुख ऋषि [[रामायण]] रचयिता महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस रचयिता गोस्वामी [[तुलसीदास]] (जन्मस्थान- [[सोरों]]), महर्षि [[भरद्वाज|भारद्वाज]]|
 
सातवीं शताब्दी ई. पू. के अन्त से भारत और उत्तर प्रदेश का व्यवस्थित इतिहास आरम्भ होता है, जब उत्तरी भारत में 16 महाजनपद श्रेष्ठता की दौड़ में शामिल थे, इनमें से सात वर्तमान उत्तर प्रदेश की सीमा के अंतर्गत थे। [[भगवान गौतम बुद्ध]] ने अपना पहला उपदेश [[वाराणसी]] ([[बनारस]]) के निकट [[सारनाथ]] में दिया और एक ऐसे धर्म की नींव रखी, जो न केवल भारत में, बल्कि [[चीन]] व [[जापान]] जैसे सुदूर देशों तक भी फैला। कहा जाता है कि [[बुद्ध]] को [[कुशीनगर]] में परिनिर्वाण (शरीर से मुक्त होने पर आत्मा की मुक्ति) प्राप्त हुआ था, जो पूर्वी ज़िले [[कुशीनगर]] में स्थित है। पाँचवीं शताब्दी ई. पू. से छठी शताब्दी ई. तक उत्तर प्रदेश अपनी वर्तमान सीमा से बाहर केन्द्रित शक्तियों के नियंत्रण में रहा, पहले [[मगध]], जो वर्तमान [[बिहार]] राज्य में स्थित था और बाद में [[उज्जैन]], जो वर्तमान [[मध्य प्रदेश]] राज्य में स्थित है। इस राज्य पर शासन कर चुके इस काल के महान शासकों में [[चन्द्रगुप्त प्रथम]] (शासनकाल लगभग 330-380 ई.) व [[अशोक]] (शासनकाल लगभग 268 या 265-238), जो मौर्य सम्राट थे और [[समुद्रगुप्त]] (लगभग 330-380 ई.) और [[चन्द्रगुप्त द्वितीय]] हैं (लगभग 380-415 ई., जिन्हें कुछ विद्वान विक्रमादित्य मानते हैं)। एक अन्य प्रसिद्ध शासक [[हर्षवर्धन]] (शासनकाल 606-647) थे। जिन्होंने कान्यकुब्ज (आधुनिक [[कन्नौज]] के निकट) स्थित अपनी राजधानी से समूचे उत्तर प्रदेश, [[बिहार]], [[मध्य प्रदेश]], [[पंजाब]] और राजस्थान के कुछ हिस्सों पर शासन किया।
 
इस काल के दौरान [[बौद्ध]] संस्कृति, का उत्कर्ष हुआ। अशोक के शासनकाल के दौरान बौद्ध कला के स्थापत्य व वास्तुशिल्प प्रतीक अपने चरम पर पहुँचे। [[गुप्त काल]] (लगभग 320-550) के दौरान हिन्दू कला का भी अधिकतम विकास हुआ। लगभग 647 ई. में हर्ष की मृत्यु के बाद हिन्दूवाद के पुनरुत्थान के साथ ही [[बौद्ध धर्म]] का धीरे-धीरे पतन हो गया। इस पुनरुत्थान के प्रमुख रचयिता [[दक्षिण भारत]] में जन्मे शंकर थे, जो [[वाराणसी]] पहुँचे, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मैदानों की यात्रा की और [[हिमालय]] में [[बद्रीनाथ]] में प्रसिद्ध [[मन्दिर]] की स्थापना की। इसे हिन्दू मतावलम्बी चौथा एवं अन्तिम मठ (हिन्दू संस्कृति का केन्द्र) मानते हैं।
 
=== म्लेछ काल (मुस्लिम काल) लूटमार काल ===
 
इस क्षेत्र में हालाँकि 1000-1030 ई. तक [[मुसलमान|मुसलमानों]] का आक्रमण हो चुका था, किन्तु उत्तरी भारत में 12वीं शताब्दी के अन्तिम दशक के बाद ही मुस्लिम शासन स्थापित हुआ, जब [[मुहम्मद ग़ोरी]] ने गहड़वालों (जिनका उत्तर प्रदेश पर शासन था) और अन्य प्रतिस्पर्धी वंशों को हराया था। लगभग 650 वर्षों तक अधिकांश [[भारत]] की तरह उत्तर प्रदेश पर भी किसी न किसी मुस्लिम वंश का शासन रहा, जिनका केन्द्र दिल्ली या उसके आसपास था। 1526 ई. में [[बाबर]] ने दिल्ली के सुल्तान [[इब्राहीम लोदी]] को हराया और सर्वाधिक सफल मुस्लिम वंश (मुग़ल वंश) की नींव रखी। इस साम्राज्य ने 350 वर्षों से भी अधिक समय तक [[उपमहाद्वीप]] पर शासन किया। इस साम्राज्य का महानतम काल [[अकबर]] (शासनकाल 1556-1605 ई.) से लेकर [[औरंगजेब आलमगीर]] (1707) का काल था, जिन्होंने [[आगरा]] के पास नई शाही राजधानी [[फ़तेहपुर सीकरी]] का निर्माण किया। उनके पोते [[शाहजहाँ]] (शासनकाल 1628-1658 ई.) ने [[आगरा]] में [[ताजमहल]] (अपनी बेगम की याद में बनवाया गया मक़बरा, जो प्रसव के दौरान चल बसी थीं) बनवाया, जो [[विश्व]] के महानतम वास्तुशिल्पीय नमूनों में से एक है। शाहजहाँ ने आगरा व दिल्ली में भी वास्तुशिल्प की दृष्टि से कई महत्त्वपूर्ण इमारतें बनवाईं थीं। मुस्लिम काल के भारत को ही अँग्रेज़ सोने की चिड़िया कहा करते थे।
 
== भूगोल ==
[[चित्रFile:Indo-Gangetic Plain.jpg|thumb|गंगा के मैदान का एक भाग|200px]]
उत्तर प्रदेश भारत के उत्तर पूर्वी भाग में स्थित है। प्रदेश के उत्तरी एवम पूर्वी भाग की तरफ़ पहाड़ तथा पश्चिमी एवम मध्य भाग में मैदान हैं। उत्तर प्रदेश को मुख्यतः तीन क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है।
 
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उत्तर प्रदेश के पमुख शहरों में [[प्रयागराज]] (इलाहाबाद), [[मुरादाबाद]], [[गाजियाबाद]], [[आज़मगढ़]], [[लखनउ]], [[कानपुर]], [[बरेली]], [[आगरा]], [[अलीगढ]], [[अयोध्या]], [[झाँसी]], [[मेरठ]], [[वाराणसी]], [[गोरखपुर]], [[मथुरा]], [[हरदोईफर्रुखाबाद]], [[बहराइच]], [[देवरिया]], [[गोंडा]] गाजीपुर, मऊ तथा [[श्रावस्ती]] आदि शामिल हैं।
 
== जनसांख्यिकी ==
 
;कृषि एवं वानिकी
[[चित्रFile:Birds in agriculture by Dr. Raju Kasambe DSCN8713 (1).jpg|thumb|left|200px|समृद्ध उपजाऊ भारत-गंगा के मैदान में स्थित, कृषि राज्य में सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है।]]
राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। चावल, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, जौ और गन्ना राज्य की मुख्य फ़सलें हैं। 1960 के दशक से गेहूँ व चावल की उच्च पैदावार वाले बीजों के प्रयोग, उर्वरकों की अधिक उपलब्धता और सिंचाई के अधिक इस्तेमाल से उत्तर प्रदेश खाद्यान्न का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य बन गया है। यद्यपि किसान दो प्रमुख समस्याओं से ग्रस्त हैं: आर्थिक रूप से अलाभकारी छोटे खेत और बेहतर उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी में निवेश करने के लिए अपर्याप्त संसाधन, राज्य की अधिकतम कृषि भूमि किसानों को मुश्किल से ही भरण-पोषण कर पाती है। पशुधन व डेयरी उद्योग आय के अतिरिक्त स्रोत हैं। उत्तर प्रदेश में भारत के किसी भी शहर के मुक़ाबले सर्वाधिक पशु पाए जाते हैं। हालाँकि प्रति गाय दूध का उत्पादन कम है।
 
 
=== त्योहार ===
[[चित्रFile:India - Varanasi sun greet - 0270.jpg|thumb|200px|बनारस में गंगा के घाट में आरती करता पुजारी]]
उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहाँ समय समय पर सभी धर्मों के त्योहार मनाये जाते हैं-
*[[अयोध्या]]-रामनवमी मेला,राम विवाह,सावन झूला मेला, कार्तिक पूर्णिमा मेला
== पर्यटन ==
{{मुख्य|उत्तर प्रदेश में पर्यटन}}
[[चित्रFile:Kumbh Mela 2013 Sangam, Allahabd.jpg|thumb|200px|संगम, इलाहाबाद में कुंभ मेला 2013।]]
उत्तर प्रदेश में सभी के लिए आकर्षण की कई चीज़ें हैं।
[[चित्र:Shree Ganesh Mandir, jhansi hallway.jpg|thumb|श्री गणेश मंदिर, झाँसी]]