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यदु ऋग्वेद में वर्णित पाँच भारतीय आर्य जनों (पंचजन, पंचक्षत्रिय या पंचमानुष) में से एक है।<ref>{{cite book|last=Singh|first=Upinder|authorlink=Upinder Singh|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|url=http://books.google.com/?id=GW5Gx0HSXKUC&pg=PA187|year=2008|publisher=Pearson Education|location=Delhi|isbn=978-8-13171-120-0|page=187}}</ref>
 
हिन्दू महाकाव्य महाभारत, हरिवंश व पुराण में यदु को राजा ययाति व रानी देवयानी का पुत्र बताया गया है। राजकुमार यदु एक स्वाभिमानी व सुसंस्थापित शासक थे। विष्णु पुराण, भगवत पुराण व गरुण पुराण के अनुसार यदु के चार पुत्र थे, जबकि बाकी के पुराणो के अनुसार उनके पाँच पुत्र थे।<ref name="gbook2">{{cite book | url=http://books.google.co.in/books?id=Jmnm-smZm6oC&pg=PA10 | title=Cultural History from the Vāyu Purāna Issue 2 of Deccan College dissertation series, Poona Deccan College Post-graduate and Research Institute (India) |publisher=Motilal Banarsidass Publisher | date=1946 | accessdate=23 September 2014 |first=Devendrakumar Rajaram |last=Patil |page=10}}</ref> बुध व ययाति के मध्य के सभी राजाओं को सोमवंशी या चंद्रवंशी कहा गया है। महाभारत व विष्णु पुराण के अनुसार यदु ने पिता ययाति को अपनी युवावस्था प्रदान करना स्वीकार नहीं किया था जिसके कारण ययाति ने यदु केको श्राप दीयाा जो ज्येठ पूूत्र को राजा पद्धति मीलति वो उसे नहीं दी और उसके वंशजों को पीशाच की तरााह नििह्रदय होनेेेका श्राप दीीआ।तराह
 
==उत्पत्ति==
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