"शहीद मेला" के अवतरणों में अंतर

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=== प्रारम्भ ===
वर्ष 1942 का समय था उस समय देश पराधीन था| महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध "[[भारत छोड़ो आन्दोलन]]" छेड़ रखा था| वे भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र देखना चाहते थे| "'भारत छोड़ो आन्दोलन"' के कारण विभिन्न स्थानों पर ब्रिटिश सत्ता के विरूद्ध भारतीय जनमानस द्वारा जन-जागरण,जुलूस, विदेशी सामानों के बहिष्कार के द्वारा तीव्र विरोध हो रहे थे इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के [[मैनपुरी]] जिले के [[बेवर]] नामक स्थान पर 14 अगस्त 1942 को जूनियर हाईस्कूल(कक्षा 6  व् 7 के छात्र ) व बेवर के कुछ उत्साही युवा छात्र( हाथों में तिरंगा थामे जूलुस निकाल रहे थे)। इन उत्साही युवाओं ने थानेदार आलेअली की पिस्तौल छीन ली व थाने पर कब्ज़ा कर लिया / अंग्रेजी सत्ता की आँख में ये कांटाकांटे सा चुभ गया / फलस्वरूप रात्रि में ढेर सारसा[[मैनपुरी|री]] पुलिस नगर में भेज दी गई / धारा 144 लगा दी गई / पर आज़ादी के दीवानें कहाँ मानने वाले थे / 15 अगस्त 1942 को फिर चल पड़ा, छोटे छोटे छात्रों 14  वर्ष के विद्यार्थी कृष्ण कुमार , 15 वर्ष के जगदीशनारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में कारवाँ /ये जुलूस नारे लगाते और झंडा-गान गाते हुए थाना बेवर पर आकर रूक गया। बेवर थाने पर झंडा तिरंगा फहराने का दृढ़ निश्चय कर चुके थे मिडिल स्कूल के छात्र व नगर के लोग।थाने पर पहले से ही मुस्तैद पुलिस से हुई भिड़ंत और चल पड़ी अंग्रेज पुलिस की निरंकुश गोलियां / और परिणाम सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्रविद्यार्थी कृष्ण कुमार, 40 वर्षीय जमुना प्रसाद त्रिपाठी और 42 वर्षीय सीताराम गुप्त की घटनास्थल पर ही शहीद हो गए | इन शहीदों के साथ साथ देश के तमाम जाने अनजाने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने व उनकी स्मृतियों, उनके विचारों को संजोए रखने व भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से ही 1972 से प्रतिवर्ष ""शहीद मेला"" का आयोजन होता है। <ref>https://www.patrika.com/news/mainpuri/special-story-of-beaver-martyrs-krishna-kumar-sitaram-gupt-news-in-hindi-1490432/</ref><ref>https://www.gaonconnection.com/stories/martyrs-fair-has-started-bewar-in-mainpuri</ref><ref>http://www.yugbharat.com/state/uttar-pradesh/preparations-for-the-46th-mart-anniversary-fair-poster-release/</ref><ref>https://news.raftaar.in/jagran-news-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97/detail/ca1bb5e8e6acc438a8aca2a789946f93</ref>
 
इन शहीदों के साथ साथ देश के तमाम जाने अनजाने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने,उनकी स्मृतियों, उनके विचारों को संजोए रखने व भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 1972 से प्रतिवर्ष ""शहीद मेला"" का आयोजन होता है। <ref>https://www.patrika.com/news/mainpuri/special-story-of-beaver-martyrs-krishna-kumar-sitaram-gupt-news-in-hindi-1490432/</ref><ref>https://www.gaonconnection.com/stories/martyrs-fair-has-started-bewar-in-mainpuri</ref><ref>http://www.yugbharat.com/state/uttar-pradesh/preparations-for-the-46th-mart-anniversary-fair-poster-release/</ref><ref>https://news.raftaar.in/jagran-news-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97/detail/ca1bb5e8e6acc438a8aca2a789946f93</ref>
 
=== मेला संस्थापक और संयोजक ===
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