"यमुना नदी" के अवतरणों में अंतर

876 बैट्स् जोड़े गए ,  1 वर्ष पहले
छो (2409:4070:2386:89E2:0:0:15C2:B8A4 (Talk) के संपादनों को हटाकर 2409:4043:51B:94AE:4094:3F0E:6167:9420 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न
(→‎सांस्कृतिक महत्त्व: कड़ियाँ लगाई)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल एप सम्पादन Android app edit
 
ब्रजभाषा के भक्त कवियों और विशेषतः वल्लभ सम्प्रदायी कवियों ने गिरिराज गोवर्धन की भाँति यमुना के प्रति भी अतिशय श्रद्धा व्यक्त की है। इस सम्प्रदाय का शायद ही कोई कवि हो, जिसने अपनी यमुना के प्रति अपनी काव्य - श्रद्धांजलि अर्पित न की हो। उनका यमुना स्तुति संबंधी साहित्य ब्रजभाषा भक्ति काव्य का एक उल्लेखनीय अंग है।
 
'''श्री यमुना वन्दना '''
वृजमंडल की आधार ओ यमुना महारानी
वृजमंडल की आधार ओ यमुना महारानी
कान्हा तटपर मुरली बजाते थे
तेरे मन को बहुत लुभाते थे
तेरा भक्त धरें नित ध्यान ओ यमुना महारानी
वृजमंडल की आधार ओ यमुना महारानी
तेरी महिमा वेद पुराणों में
साँवरिया तेरी धारों में
नित होते आरती गान ओ यमुना महारानी
वृजमंडल की आधार ओ यमुना महारानी
 
 
{{गंगा}}
28

सम्पादन